दोस्ती में दगा: बदमाशों के जाल में दोनों ऐसी उलझीं कि दूसरे राज्य में चली गईं

सिर्फ सोशल नेटवर्किंग पर संपर्क, रूबरू देखा भी नहीं था, शादी का झांसा, एक बालिका खरगोन , दूसरी कोयंबटूर में मिली
मामले में झांंसेबाजों को गिरफ्तार कर पॉक्सो व एससी-एसटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया
अक्षरविश्व न्यूज नागदा। सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए शुरू हुई दोस्ती कब नाबालिग बालिकाओं को घर से दूर ले जाने की साजिश में बदल गई, इसका खुलासा मंडी पुलिस की कार्रवाई में हुआ है। पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं के अपहरण के दो अलग-अलग मामलों में दोनों को सकुशल बरामद कर लिया। एक बालिका को पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर दूर खरगोन से, जबकि दूसरी को करीब 2 हजार किलोमीटर दूर कोयंबटूर से बरामद किया। दोनों मामलों में बालिकाओं को अपने साथ ले जाने वाले युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार पहला मामला 4 अगस्त को दर्ज हुआ था। इसमें श्रीराम कॉलोनी निवासी शिवम पंवार पर नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया था। वहीं दूसरा मामला 15 अगस्त को दर्ज हुआ, जिसमें गुलाबबाई कॉलोनी निवासी राजा उर्फ रघु प्रजापत पर नाबालिग को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया।
बालिकाओं की बरामदगी के साथ पुलिस ने उन्हें ले जाने वाले दोनों युवकों राजा उर्फ रघु प्रजापत और शिवम पंवार को भी गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी अमृतलाल गवली के अनुसार दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों मामलों में आगे की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों मामलों में नाबालिग बालिकाओं की आरोपियों से पहचान सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए हुई दोस्ती से हुई थी। शुरुआत में अनजान लोगों की तरह भेजे गए फ्रेंड रिक्वेस्ट और ऑनलाइन बातचीत धीरे-धीरे लगातार चैटिंग में बदल गई। बातचीत बढऩे के साथ युवकों ने बालिकाओं का विश्वास हासिल किया और उन्हें शादी का झांसा देकर बड़े सपने दिखाए गए।
पुलिस के अनुसार खास बात यह भी है कि दोनों मामलों में आरोपी और नाबालिग बालिकाएं पहले एक-दूसरे से मिली तक नहीं थीं। इसके बावजूद ऑनलाइन बातचीत के जरिए इतना विश्वास कायम हो गया कि बालिकाएं युवकों के साथ घर से दूर जाने के लिए तैयार हो गईं।
दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई में मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अलग-अलग शहरों तक पहुंचकर बालिकाओं को सुरक्षित बरामद करना पुलिस टीमों के लिए बड़ी चुनौती थी। मंडी पुलिस की टीमों ने लगातार लोकेशन ट्रेस करते हुए दोनों मामलों को सुलझाया।
दोनों नाबालिगों की सकुशल बरामदगी के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली है। मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोडऩे में जुटी है।
मोबाइल लोकेशन से मिला दोनों का सुराग
नाबालिगों की तलाश पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रदीप शर्मा, एसपी ग्रामीण कर्णदीपसिंह और सीएसपी विक्रम अहिरवार के निर्देशन में पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस टीमों ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को एक नाबालिग की लोकेशन करीब 300 किलोमीटर दूर खरगोन में मिली। टीम ने तत्काल वहां पहुंचकर बालिका को सकुशल बरामद किया। वहीं दूसरी बालिका की लोकेशन करीब 2 हजार किलोमीटर दूर कोयंबटूर में सामने आई। पुलिस टीम तकनीकी जानकारी के आधार पर वहां पहुंची, उसे भी सुरक्षित बरामद कर नागदा लाया गया।









