फिर आया गंदा पानी लोग भडक़े, सांसद-महापौर ने समझाया

चार दिन से पीएचई अमला नहीं तलाश पा रहा पाइप लाइन लीकेज
सांसद ने कहा- सप्लाय बंद कर लीकेज ढूंढिए, टैंकर से भेजिए पानी, बंद बोरिंग शुरू करवाइए
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। हाल ही में चौड़ी हुई कोयलाफाटक-कंठाल चौराहा सडक़ ने निजातपुरा के रहवासियों के सामने पानी की परेशानी खड़ी कर दी। चार दिन बाद भी पीएचई अमला लीकेज नहीं तलाश पाया है। गुरुवार की सुबह जब फिर से बदबूदार पानी सप्लाई हुआ तो लोग नाराज हो गए। मौके पर संासद अनिल फिरोजिया और महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे और लोगों का गुस्सा शांत कराया। सांसद ने अफसरों से कहा- पाइपलाइन से सप्लाई बंद कीजिए। जोड़ वाले पाइंट पर लीकेज तलाशिए। तब तक टैंकर भेजिए, बंद बोरिंग भी चालू करवाइए।
दरअसल, हाल में तैयार हुए इस मार्ग के निजातपुरा, मेघदूत परिसर, महालक्ष्मी अपार्टमेंट में दूषित पानी की शिकायत करीब आठ दिन से आ रही है। पीएचई का अमला जगह-जगह तोडफ़ोड़ कर लीकेज तलाशने की कोशिश कर रहा है लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है। गुरुवार सुबह 7:30 बजे जब फिर से गंदा पानी सप्लाय हुआ तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर सांसद- महापौर और अपर आयुक्त पवनसिंह पीएचई के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। सांसद ने लीकेज नहीं सुधरने तक वाटर सप्लाय बंद करने के निर्देश दिए और मौके पर ही दो बोरिंग स्वीकृत किए।
दस मिनट ही मिलता है साफ पानी
क्षेत्र के रहवासियों ने बताया सुबह 7:30 बजे नल आते हैं। करीब 40 मिनट 8:10 बजे तक नल से गंदा पानी आता है। 8:20 बजे नल बंद हो जाते हैं। क्षेत्र के लोगों को 10 मिनट ही पीने का पानी मिलता है। नल भी लो प्रेशर से आते हैं इसलिए पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
नलकूप की स्वीकृति दी :
सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया पानी समस्या निराकरण करने के लिए दो बोरिंग की स्वीकृति दी है। तब तक पुराने बोरिंग को फिर से शुरू करने का कहा है। टैंकर भेजने का भी कहा है। सप्लाई पूरी तरह बंद करके लाइन की जांच की जाएगी। पीवीसी के ज्वाइंट खुलने की आशंका है।
विधायक से नाराजगी:
क्षेत्र के लोगों ने बताया इस क्षेत्र के विधायक अनिल कालूहेड़ा हैं। उन्हें भी समस्या से अवगत कराया है परंतु उनकी तरफ से पहल नहीं हुई है।
तकनीकी खामी तो नहीं:
शहर में करीब 60 सडक़ों का चौड़ीकरण चल रहा है। इस काम में पहले नाली बनाई जा रही है, फिर पाइपलाइन डाली जा रही है और अंत में विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं। एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा कहते हैं कि पहले पाइपलाइन डाली जानी चाहिए, फिर नाली और अंत में पोल लगाना चाहिए। इससे पाइपलाइन के लीकेज का खतरा कम होगा। ढाबारोड चौड़ीकरण में ऐसे ही काम किया जा रहा है। ऐसे में वहां समस्या आने की आशंका कम है।
पिछले साल से ही समस्या:
पिछले साल अक्टूबर से अब तक सीएम हेल्प लाइन में चार बार शिकायत कर चुके हैं। अफसर शिकायत कटवा लेते थे परंतु इस बार अगस्त में की शिकायत उन्होंने वापस नहीं ली है। यह शिकायत अब एल-3 लेबल पर है। सडक़ के एक तरफ अच्छा पानी आ रहा है। दूसरी तरफ लीकेज ढूंढने के लिए 24 तारीख से नगर निगम और पीएचई की टीम काम कर रही है परंतु लिकेज नहीं मिल रहा है।,ऋषभ जैन, रहवासी
महालक्ष्मी अपार्टमेंट से मस्जिद तक पानी खराब बदबूदार आ रहा है। नालियां चोक हो चुकी हैं। इस समस्या से क्षेत्र में रहने वाले पांच सौ से अधिक परिवार प्रभावित हो रहे हैं।,जंबू जैन, महालक्ष्मी अपार्टमेंट









