खड़े हनुमान मंदिर पर अड़ा बजरंग दल

उज्जैन आने के रास्ते रोके, झुका प्रशासन, शिफ्टिंग टली
सांसद ने संभाला मैदान, टंकी चौराहा की जगह छत्रीचौक बगीचे, निमार्णाधीन रीगल टॉकिज कॉम्प्लेेक्स में मंदिर स्थापित करने का दिया सुझाव
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कंठाल चौराहा-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे खड़े हनुमान और टकसाली गणेश मंदिर की शिफ्टिंग को लेकर रविवार को बखेड़ा हो गया। प्रतिमा शिफ्टिंग के लिए जेसीबी और डंपर पहुंचे तो बजरंग दल, विहिप और हिंदूवादी संगठन के लोग धरना देने पहुंच गए। मंदिर के सामने ही वह धरने पर बैठ गए। इन्होंने रामधुन गाई और जय-जय सियाराम के नारे लगाए।
स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर दास भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुजारी परिवार को लिखित आश्वासन देने की मांग की। दिनभर दोनों पक्षों के बीच तनातनी चलती रही। दोपहर करीब 3 बजे विहिप ने उज्जैन आने वाले सारे रास्ते बंद करने का ऐलान कर दिया। जैसे ही छह मार्ग पर जगह-जगह चक्काजाम शुरू हुआ, प्रशासन ने शाम करीब 4 बजे शिफ्टिंग टाल दी। इससे पहले सांसद अनिल फिरोजिया ने भी इस मामले में दखल दिया और टंकी चौराहा की जगह प्रतिमा की स्थापना छत्रीचौक बगीचे और निर्माणाधीन रीगल टॉकिज कॉम्प्लेक्स में करने का सुझाव दिया।

दरअसल,खड़े हनुमान मंदिर और टकसाली गणेश मंदिर की शिफ्टिंग पर शनिवार रात करीब-करीब बात बन गई थी। यह भी तय हो गया था कि मंगलवार को प्रतिमा टंकी चौराहा पर तय की गई जगह पर शिफ्ट कर दी जाएगी। निगम का अमला और प्रशासन भी इस बात के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन रविवार को ही डंपर और जेसीबी प्रतिमा शिफ्टिंग के लिए मौके पर भेज दी गई। सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि अचानक खड़े हनुमान मंदिर के पुजारी मनीष बैरागी ने स्थानीय अखाड़ा परिषद् अध्यक्ष डॉ. रामेश्वरदास को बुला लिया। पुजारी नई जगह के लिए कागजात मांगने लगे। उनका कहना भी ठीक था कि अफसर तो बदल जाएंगे लेकिन कल को नई जगह को लेकर उनसे फिर से कागज मांगे गए तो वह क्या दिखाएंगे ?

महंत डॉ. दास का कहना था कि मंदिर से लगी पांच दुकानें हैं। इनसे पुजारी परिवार का भरण-पोषण होता है, ऐसे में मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। इन्हीं चर्चाओं के बीच एकाएक शिफ्टिंग की जानकारी हिंदूवादी संगठनों को लगी तो उन्होंने मोर्चा संभाल लिया। विहिप के जिला धर्म प्रसार प्रमुख शैलेंद्र यादव (शैलू)और अन्य के नेतृत्व में पूरी टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने शिफ्टिंग का यह कहते हुए विरोध कर दिया बगैर विधि-विधान से प्रतिमा नहीं ले जाने देंगे। बाबा का पूजन होगा, आरती होगी और उसके बाद वे जगह छोड़ेंगे। जेसीबी से उठाकर प्रतिमा ले जाना किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। करीब 3 बजे तक प्रशासन की तरफ से एसडीएम एलएन गर्ग समझौते का प्रयास करते रहे लेकिन बात नहीं बनी।

जब प्रशासन का रूख नरम नहीं दिखा तो विहिप ने शहर की तरफ आने वाले सारे रास्ते बंद करने का ऐलान कर दिया। इंदौर रोड, देवासरोड, उन्हेल रोड, मक्सी रोड, बडऩगर रोड और आगर रोड पर जब वाहनों के चक्के थमने लगे तो ताबड़तोड़ शिफ्टिंग रोकना पड़ी। इससे पहले सांसद अनिल फिरोजिया ने कलेक्टर रौशनकुमार सिंह से मंदिर की नई जगह पर आपत्ति दर्ज कराई। सांसद का कहना था कि जिस इलाके में शिफ्टिंग की जा रही है, वहां का माहौल देखिए। वह भविष्य में तनाव का कारण बनेगा। छत्री चौक बगीचे या निर्माणाधीन रीगल टॉकिज कॉम्प्लेक्स में प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव दिया है।
किसने क्या कहा
प्रशासन ने मंगलवार को विधि-विधान से प्रतिमा शिफ्ट करना तय किया था। एकाएक आज प्रतिमा हटाने लगे। इसे लेकर उज्जैन आने वाले रास्ते बंद किए गए। फिलहाल प्रतिमा की शिफ्टिंग टाल दी गई है। – शैलेंद्र यादव, जिला धर्म प्रसार प्रमुख विहिप
खड़े हनुमान मंदिर से प्रतिमा को शिफ्ट करने की तैयारी थी। हिंदुवादी संगठनों की आपत्ति है कि राजसी सवारी के बाद मंदिर शिफ्ट किया जाए। फिलहाल संगठन और पुजारी परिवार से मिले पत्र और संगठन का मसला नगरनिगम के सामने रखा जाएगा।
एलएन गर्ग, एसडीएम उज्जैन
मैं पुजारी परिवार का पक्ष रखने गया था। प्रतिमा नई जगह शिफ्ट करने पर आपत्ति नहीं है। मेरा यह कहना था कि पुजारी परिवार के पास कोई लिखित दस्तावेज होना चाहिए। अफसर आते-जाते रहेंगे और भविष्य में फिर कोई बखेड़ा खड़ा नहीं होगा।
डॉ. रामेश्वरदास अध्यक्ष, स्थानीय अखाड़ा परिषद
मंदिर छत्री चौक उद्यान या निर्माणाधीन रीगल टॉकिज कॉम्प्लेक्स परिसर में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। फिलहाल वाली जगह मंदिर के लिए उपयुक्त नहीं है। भविष्य में यहां विवाद हो सकते हैं।
अनिल फिरोजिया, सांसद उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र









