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चिटफंड कंपनी खोलकर 40 लाख ठगने वाले 6 दस साल के लिए नपे

इंदौर, झाबुआ, धार और रतलाम के लोगों ने 11 सितंबर 2016 को माधवनगर थाने में की थी रिपोर्ट

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चिटफंड कंपनी खोलकर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले 6 आरोपियों को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। अभियुक्तों में इंदौर, झाबुआ, धार और रतलाम के लोग शामिल हैं। इन्होंने शहीद पार्क क्षेत्र में सिद्धि विनायक टावर शहीद पार्क पर ऑफिस खोलकर लोगों से रुपए जमा कराए थे। बाद में ऑफिस बंद कर भाग गए थे। लोगों ने 11 सितंबर 2016 को माधवनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप सिद्ध होने पर एडीजे राकेश कुमार शर्मा ने अभियुक्तों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है।

मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ कुलदीपसिंह भदौरिया ने बताया मंगला, रेखा, कृष्णा, शिववती, गणेश पाल, सुनीता, साधना एवं राकेश नामक फरियादियों ने ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 2010 में सिद्धि विनायक टॉवर में चिटफंड कंपनी प्रज्ञा डेयरी एंड एग्रो लिमि. कंपनी का ऑफिस खुला था। संचालक पूनमचंद पाटीदार, नानालाल पाटीदार, मीरा नायक, मोहनलाल पाटीदार, रमेशचंद्र पाटीदार, प्रदीप पाटीदार, अर्पित भावसार, चंचल सोनी ने अधिक ब्याज दिलाने का लालच दिया। यह भी बताया कि एक किस्त भी जमा होने के बाद यदि सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो संपूर्ण बीमा राशि मिलेगी। लोगों ने विश्वास कर कंपनी में करीब 40 लाख रुपए जमा करवाए।

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कंपनी की ओर से रसीद और सार्टीफिकेट भी प्रदान किए गए। लोगों के जमा रुपयों से कंपनी ने पान बिहार, खलघाट में जमीन खरीदी, इंदौर में स्कूल भी खोला इसके बाद आरोपियों ने रुपए वापस नहीं किए और ऑफिस बंद कर भाग गए। धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने माधव नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पुलिस ने आरोपी पूनमचंद पिता रणछोड़ पाटीदार (61) निवासी चिकित्सक नगर बॉम्बे हॉस्पिटल के पास इंदौर हाल मुकाम ग्राम बनी पेटलावद झाबुआ, नानालाल पिता नारायण पाटीदार (58) निवासी ग्राम बनी पेटलावद झाबुआ, मीरा पति सुंदरसिंह नायक (50), निवासी ग्राम रब्बापुर, जिला झाबुआ, प्रदीप पिता जगदीश पाटीदार (38), निवासी खंडवा, थाना कुक्षी, जिला धार, मोहनलाल पिता मेघराज पाटीदार (48), निवासी संतनगर, रतलाम, रमेशचंद्र पिता प्रीतमलाल पाटीदार (54), निवासी तिरुपति नगर, रतलाम को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। आरोपी चंचल सोनी फरार है।

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प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेंद्रसिंह चौहान एवं अजयकुमार पांडेय ने की। आरोप साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने अभियुक्तों को धोखाधड़ी और हेराफेरी की धारा में 5 वर्ष तथा बैंककर्मी होते हुए जमाराशि की हेराफेरी करने के आरोप में 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई।

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