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राजसी सवारी कल, बाबा की राह आसान बनाई

निर्माण पूरे करने के दावे भले कर ले पर सवारी मार्ग पर सवारी को बचते-बचाते निकलना पड़ेगा

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कमलेश पांडे उज्जैन। सोमवार को नगर में बाबा महाकालेश्वर की राजसी सवारी निकलेगी। नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत करके महाकाल बाबा की सवारी की राह आसान बनाई है। हालांकि शुक्रवार से शुरू हुई बारिश के कारण तेज गति से चल रहे काम में रुकावट का असर दिखाई दिया और ५ सितंबर को पूरा होने वाले कंठाल चौराहे का काम रविवार की सुबह भी चलता रहा। छत्रीचौक पर रोड का हिस्सा ताजा बनाया है। इसके शाम तक सूखने की संभावना है।

दरअसल, बाबा महाकाल की राजसी सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, कहार वाडी होते हुए पालकी रामघाट पहुंचेगी। यहां से पालकी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, कमरी मार्ग, मिर्जा नईम बेग मार्ग, तेलीवाड़ा, कंठाल चौराहा, सतीगेट, सराफा , छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनीबाजार के रास्ते वापसी करेगी।

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अक्षरविश्व रिपोर्टर ने रविवार को सवारी मार्ग का मुआयना किया और लाइव रिपोर्ट की। आइए पढ़ते हैं कंठाल चौराहे पर चौराहे पर पेवर ब्लॉक लगाने का काम चल रहा है। इसके पीछे आने वाले रास्ते में मिर्जा नईम बेग मार्ग में सीवरलाइन बिछाने के बाद हुई मरम्मत वाली सड़क धंस गई थी, इसे सीमेंटेड कर दिया गया। तेलीवाड़ा चौराहे पर ही नाला खोद दिया है। इन दोनों की मरम्मत का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। राजसी सवारी को इसी रास्ते से बचते बचाते निकालना होगा। कंठाल चौराहे से छत्रीचौक के बीच टकसाली गणेश मंदिर और खड़े हनुमान मंदिर को शिफ्ट करने का काम रविवार दोपहर तक पूरा नहीं हो सका। बाबा अब मंदिर छोड़कर केनोपी में आ गए हैं। इसी में उनका पूजन-पाठ चल
रहा है।

नाला खोद दिया: तेलीवाड़ा चौराहे के घड़ी व्यवसायी जगदीश कुमावत की दुकान के सामने नगर निगम ने नाला खोद दिया है। यह रविवार को भी खुदा ही पड़ा था।। घड़ी व्यवसायी ने बताया चौड़ीकरण के लिए जमीन मांग रहे थे। 530 वर्गफीट में से 350 वर्गफीट पहले दे चुके हैं।

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घाट पर भी स्थिति ठीक नहीं है
रामघाट पर सवारी पहुंचने के बाद महाकाल पेढ़ी पर भगवान महाकालेश्वर का शिप्रा जल से अभिषेक होगा। क्षेत्र में पूजापाठ करवाने वाले पंडितों ने बताया यहां घाटों पर काई जमी है और फिसलकर गिरने के कारण श्रद्धालु घायल होते हैं। सवारी के दौरान महाकाल की पेढ़ी पर सफाई कर देते हैं परंतु काई जमी रहती है।

नाली का पानी सड़क पर बह रहा था
राजसी सवारी के इस मार्ग पर कंठाल चौराहे से खड़े हनुमान मंदिर तक सीमेंट कांक्रीट सड़क बन गई है जबकि छतरी चौक तरफ नाली बनने का काम अधूरा है। हालांकि यहां छतरीचौक तरफ नाले से बह रहा गंदा पानी रोक दिया गया है। इसके साथ ही सीवर लाइन के लिए सड़क खोदी गई है। इनके गड्ढे नहीं भर पाए हैं। सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए हैं।

सवारी मार्ग के रहवासियों के सुझाव

महाकाल की सवारी के लिए सावन के दौरान तथा अंतिम राजसी सवारी में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहती है। सवारी में होने वाली अव्यवस्थाओं को देखते हुए सवारी मार्ग के रहवासी और दुकानदारों ने कुछ सुझाव दिए हैं। कुछ सुझाव सभी ने एक जैसे बताए इनमें सवारी मार्ग पर सुविधाघर बढ़ाने और पीने के पानी की व्यवस्था करने के प्रमुख सुझाव हैं। कई स्थानों पर रहवासी पेयजल व्यवस्था करते हैं मगर यह कम पड़ती है।

पुलिस अभद्र व्यवहार न करे
इमलीघाटी के मनोज गौड़ ने बताया दर्शनाथियों की सुविधा प्राथमिकता है। यहां श्याम मंदिर तक सवारी शाम 4:30 बजे तक आ जाती है। रास्ते बंद करवा दिए जाते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने में बाहर से आने वाले पुलिसकर्मी अभद्रता करते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अच्छा नहीं लगता। श्याम मंदिर पर आने वाले बाहर के कई श्रद्धालुओं ने इसे गलत बताया है।

पालकी को धक्का देने से रोकना चाहिए
गुदरी चौराहे के नितिन गुप्ता ने बताया महाकाल चौराहे से आगे निकलकर कहारवाड़ी होते हुए सवारी रामघाट के लिए जाती है। यहां रास्ते में दर्शनार्थी बड़ी संख्या में खड़े रहते हैं। पालकी को कंधा लगाने की परंपरा है इस कारण पालकी के आसपास भीड़ के कारण सड़क किनारे खड़े दर्शनाथियों को भगवान के दर्शन नहीं हो पाते हैं। हरसिद्धि क्षेत्र में भी सड़क चौड़ीकरण होना है। निर्माण हटाने के लिए निशान डल गए हैं। शीघ्र ही काम शुरू होने वाला है।

पोस्टर लगाकर इतिश्री कर ली
कार्तिक चौक के किराना व्यवसायी चुन्नीलाल पोरवाल ने बताया सवारी मार्ग के जीर्ण-शीर्ण भवनों पर निगम प्रशासन फ्लैक्स पोस्टर लगाकर इति श्री कर लेता है। जबकि मकान जर्जर है तो उसे सख्ती से गिरा देना चाहिए। पोरवाल ने बताया सवारी के लिए रास्ता बंद हो जाता है। वीआईपी के निकलने के कारण कई बार आम आदमी भीड़ में फंसकर रह जाता है और महाकाल की सवारी आगे निकल जाती है।

सीवर लाइन खोदी तो सड़क धंसी
मिर्जा नईम बेग मार्ग पर सीवर लाइन डालने के बाद सड़क का सीमेंटीकरण कर दिया था परंतु यह धंस गया था जिससे मौके पर गड्ढा बन गया। अब इस गड्ढ़े को पाटकर सीमेंटेड कर दिया है। इसके आसपास बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सवारी के दौरान प्रशासन की व्यवस्था अच्छी रहती है। लोगों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। स्थानीय लोग यहां प्याऊ लगाकर पानी की व्यवस्था करते हैं।

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