सड़क चौड़ीकरण : मुनिनगर-दो तालाब सड़क में एक तरफ के ही मकान टूटेंगे

आक्रोशित रहवासी महापौर, कलेक्टर-कमिश्नर, जनप्रतिनिधि सबसे मिले, कोई हल नहीं निकला
40 फीट लंबे प्लॉट में 20 या इससे कम जगह बचेगी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दो तालाब- मुनि नगर सड़क चौड़ीकरण में नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। कमला नेहरू नगर में सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम ने लाइन डाली है और इसके दायरे में 16 ऐसे मकान भी आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार हुए हैं। विडंबना यह है कि इन मकानों की तीसरी किस्त आना बाकी है और उससे पहले ही मकान तोडऩे की तैयारी शुरू हो गई है। क्षेत्र के रहवासी नौकरी और मजदूरी पेशा हैं। अब दोबारा प्लॉट लेकर नया मकान बनाना उनके बस की बात नहीं है। प्रभावित लोगों ने महापौर, कमिश्नर, कलेक्टर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को समस्या बताई परंतु कोई हल नहीं निकला।
वार्ड 47 के कमला नेहरू नगर में महावीर पथ की सड़क को 18 मीटर चौड़ी करना है। इस चौड़ीकरण में सड़क के बीच से दोनों तरफ 9-9 मीटर जमीन लेना चाहिए परंतु नगर निगम ने सड़क के एक तरफ की ही 18 मीटर जमीन नापकर लाइन डाल दी है। इस क्षेत्र में एक तरफ के ही मकान 39 से 80 फीट तक टूटेंगे। दूसरी तरफ सड़क किनारे के सुभाष नगर, स्नेह नगर, विश्व बैंक कॉलोनी, परवाना नगर में सड़क किनारे के मकान को नहीं छेड़ा है। न ही लाइन डाली है। ये सभी मकान सुरक्षित रहेंगे।
दो साल पहले भी हुई थी नपती
क्षेत्र के रहवासियों ने बताया अब तक तीन या चार बार नपती हो चुकी है। पहले नपती में सड़क के दोनों तरफ निशान डलते थे। दो साल पहले निशान डले थे तब शिंदे नर्सिंग होम तथा आईडीएफसी बैंक में अपने भवन का हिस्सा तुड़वाकर मरम्मत कार्य करवा लिया था। इसके बाद किसी के मकान नहीं टूटे न ही सड़क बनी। इस बार 3 सितंबर को दोबारा नपती कर लाइन डाली गई है। क्षेत्र के लोगों ने बताया अब तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
20 फीट पीछे मकान बनाए हैं
रहवासी देवेंद्रसिंह बुंदेला ने बताया पुराने मकान सड़क किनारे बने हुए थे। हमने अपने मकान 20 फीट जगह छोड़कर बनाए थे। इसके बाद सड़क चौड़ी हुई तब हमें कोई परेशानी नहीं हुई। अब दोबारा सड़क चौड़ी हो रही है। और 30 फीट जगह ले रहे हैं। जगह चाहिए तो दोनों तरफ 15-15 फीट जगह लेना चाहिए। शिंदे नर्सिंग से आशापूर्णा माताजी मंदिर तक सड़क के एक तरफ के मकान तोडऩे के लिए लाइन डली है।
इन्होंने भी जताया आक्रोश
अब तक तीन-चार बार नपती हो गई है। विकास और सौंदर्यीकरण का विरोध नहीं है। जमीन लेना है तो दोनों तरफ से लें।
राजेंद्र श्रवण,
कमलानेहरू नगर
रजिस्ट्री भी चेक करें कितना अतिक्रमण: सेंटर से जमीन नपती करने के साथ-साथ रजिस्ट्री देखकर जांच करना चाहिए कि कितना अवैध निर्माण हुआ है।
योगेश कौशल,
कमला नेहरू नगर
एक पक्षीय निर्णय न लें: कार्रवाई समान रूप से होना चाहिए। यहां एक पक्ष को लाभ पहुंचाया जा रहा है और नुकसान का पूरा बोझ दूसरे पर डाल दिया है। दोनों तरफ न्यायपूर्ण कार्यवाही करें।
लोकेश प्रजापति,
कमला नेहरू नगर
आवास योजना से घर बनाया है। नियम से जगह छोड़ी है। इसके बाद भी घर तोड़ेंगे। उचित नहीं है।
गीताबाई गेहलोत, कमलानेहरू नगर









