नगर निगम कमर्शियल प्रॉपर्टी का करेगा सर्वे

राजस्व समिति की मीटिंग में फैसला
उज्जैन। शहर लगातार बढ़ रहा है और इसी के साथ व्यावसायिक गतिविधियांं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में नगरनिगम ने कमर्शियल प्रॉपर्टी का सर्वे कराना तय किया है। इससे निगम के रेवेन्यू में इजाफा होगा। गुरुवार को महापौर मुकेश टटवाल ने नगरनिगम के राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इसमें अफसरों को रेवेन्यू की वसूली बढ़ाने और टैक्स पेयर्स को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया गया।
इन मुद्दों पर चर्चा
– शहर के प्रत्येक वार्ड, गली एवं मोहल्ले में कमर्शियल प्रॉपर्टी की संख्या बढ़ी हैं। ऐसी संपत्तियों का सर्वे कराया जाए। जहां व्यावसायिक गतिविधि हो रही है, उसे कमर्शियल श्रेणी में रखा जाए। यहां से शत-प्रतिशत व्यावसायिक दर से कर वसूली हो। संपत्ति कर अधिकारी अपने-अपने जोन में नियमित सर्वे एवं निरीक्षण करें।
शनिवार को नेशनल लोक अदालत है। इसमें बड़े बकायादारों को लाया जाए। उनसे लंबित संपत्ति कर एवं अन्य करों की बकाया राशि वसूल की जाए।
ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें सम्मानित किया जाए। वार्डवार नियमित करदाताओं की लिस्ट बनाई जाए।
पोर्च एवं सार्वजनिक जगह पर अतिक्रमण रोका जाए। पोर्च नागरिकों के आवागमन के लिए है, अतिक्रमण के लिए नहीं। ऐसे अतिक्रमण की पहचान करें और सख्ती से हटाए।
संपत्ति नामांतरण प्रकरणों को पेडिंग नहीं रखें। टाइमलाइन में उनका निराकरण करें।
प्रत्येक दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान के पास ट्रेड लाइसेंस जरूर हो। दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस के तैयार करें।









