एमवाय में ठेकेदार का खेल: जर्जर भवन तोडऩे की आड़ में कबाड़ी को बेची लाखों की मशीन

संगीनों के साए में तैनात गार्डों को चकमा देकर बाहर निकली भारी-भरकम सरकारी संपत्ति
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में भारी सुरक्षा और प्रशासनिक पहरे को धता बताकर सरकारी संपत्ति पर खुलेआम हाथ साफ करने का सनसनीखेज मामला फूटा है। परिसर के पुराने और जर्जर भवनों को ढहाने का जिम्मा जिस ठेकेदार को सौंपा गया था, उसी ने टेंडर की आड़ में कैंसर पीडि़त मरीजों के उपचार में काम आने वाली लाखों रुपए की मशीन कबाड़ी को बेच डाली। चौकियों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और जिम्मेदार अफसरों की नाक के नीचे से इतनी भारी-भरकम मशीन का बाहर निकल जाना पूरे एमवाय प्रबंधन की मिलीभगत और सुरक्षा तंत्र के खोखलेपन को बेनकाब कर रहा है।
अस्पताल परिसर के जर्जर ढांचे गिराने का ठेका मोहम्मद जुबेर खोखर उर्फ बिलाल को नियमानुसार सिर्फ चिन्हित स्थल पर तोडफ़ोड़ कर मलबा हटाने के लिए दिया गया था। शातिर ठेकेदार ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी वैध दस्तावेज, सक्षम अधिकारी की अनुमति और अधिकृत गेट-पास के कैंसर विभाग की अहम मशीन को गाडिय़ों में लादकर सीधे कबाड़े की दुकान पर पहुंचा दिया। लाखों की जीवनरक्षक मशीन के अचानक गायब होकर कबाड़ी के ठिकाने पर पहुंचने की भनक लगते ही पूरे अस्पताल महकमे में हड़कंप मच गया है।
अंदरूनी मिलीभगत अफसर भी नपेंगे…
अस्पताल के मुख्य द्वारों पर दर्जनों गार्डों की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी मशीन का बाहर चले जाना साफ करता है कि बिना अंदरूनी साठगांठ के यह खेल मुमकिन नहीं था। प्रशासनिक स्तर पर अब टेंडर की शर्तें, स्क्रैप का वजन और मुख्य गेट के सुरक्षा रजिस्टर खंगाले जा रहे हैं। इधर कैंसर विभाग के प्रभारी डॉ. आर्या का कहना है कि जांच में पुष्टि होते ही ठेकेदार सहित संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सीधे थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।









