टाटा संस में टाटा परिवार की ही नहीं चली, नोएल का वीटो खारिज

एन. चंद्रशेखरन अपने ही वोट से फिर चेयरमैन बने
नईदिल्ली, एजेंसी। टाटा समूह में बोर्डरूम की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। टाटा संस के बोर्ड ने 3 घंटे चली बैठक में दो फैसले किए। पहला, एन. चंद्रशेखरन को तीसरी बार 5 साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी। दूसरा, टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
हालांकि टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने इसे कानूनन अमान्य करार दिया है। ट्रस्ट्स ने बयान जारी कर कहा है कि बोर्ड की बैठक में चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के पक्ष में चार डायरेक्टर और विरोध में नोएल टाटा (रतन टाटा के सौतेले भाई) थे। बावजूद ट्रस्ट्स 4-1 बहुमत को पर्याप्त नहीं मानता। इसलिए उसे यह नियुक्ति स्वीकार नहीं है।
एक महीने में पूरा मामला ऐसे पलटा
63 साल के चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक है। उन्होंने 12 अगस्त को कहा था कि वे अगला कार्यकाल नहीं लेंगे। इसके बाद नॉमिनेशन कमेटी ने 3 सितंबर को उनसे अपने फैसले पर
दोबारा विचार करने का आग्रह किया। गुरुवार को चंद्रशेखरन तैयार हो गए।









