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जिले के 5 गांवों में से दो की स्थिति संतोषजनक 2 की कमजोर, 1 के सर्वे का एनालिसिस जारी

माधव साइंस कॉलेज के 25 विद्यार्थियों ने किया है सर्वे

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन विकास खंड के पांच गांवों में से 2 की ही स्थिति संतोषजनक है। 2 के हालत ठीक नहीं हैं। एक का पैरामीटर पर परीक्षण जारी है। यह नतीजा माधव साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों के सर्वे में हुआ है। उन्होंने उन्नत भारत अभियान के तहत उज्जैन ब्लॉक के 5 गांव चांदमुख, हासामपुरा, दताना, पिंगलेश्वर और नरवर में जाकर वहां की स्थिति जानी थी। इस दौरान विद्यार्थियों ने गांव में मौजूद सुविधाएं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, इनके लाभार्थियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों का जीवन स्तर भी देखा।

चार गांवों का एनालिसिस पूरा होने पर निकला निष्कर्ष

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विद्यार्थियों ने चार गांव का एनालिसिस पूरा कर लिया है। एक का काम चल रहा है। इसमें उन्हें अलग-अलग धारणाएं दिखाई दी हैं। सर्वे टीम को लीड कर रहे डॉ. प्रदीप लाखरे ने बताया की चार गांव में से चांदमुख और पिगंलेश्वर की स्थिति बेहतर है। यहां पर सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं।

हासमपुरा और दताना की स्थिति फिलहाल कमजोर दिखाई देती है। इसमें सुधार की जरूरत है। इनमें से एक गांव में यह भी समस्या सामने आई कि यहां ग्रामीण सही तरीके से अपनी बात नहीं रख सकें। फिलहाल नरवर के सर्वे का एनालिसिस जारी है। यह भी जल्दी ही पूरा हो जाएगा।

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यूं हुआ सर्वे

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा कराए गए इस सर्वे में उच्च शिक्षण संस्थानों को कम से कम 5 गांव से जोडऩा था।

विद्यार्थियों के समूह को ग्रामीण विकास की चुनौतियों को पहचान कर तकनीकी और सामाजिक सुधार की संभावना का पता लगाना था।

उन्होंने खेती, जल प्रबंधन, ऊर्जा स्त्रोत , परिवहन के साधन, सड़क, कचरा प्रबंधन, नाली-गटर जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी एकत्र की।

टीम में करीब 25 विद्यार्थी थे। इन्होंने एक गांव में दो दिन बिताए। इस तरह टीम को दस दिन का समय पांच गांव में लगा। टीम सदस्यों में देवेंद्र उपाध्याय, आकाश लश्करी, हंसिका झाला, नंदिनी, पायल, दिव्या, वंशिका, अंशु, ,खुशबु, माही, और जिहान खान प्रमुख हैं।

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