उल्लास, उमंग का पर्व नवरात्र शुरू घरों में विराजी मां, पंडाल में भी

अश्विन नवरात्र : देवी मंदिरों में शुरू हुआ अनुष्ठान, अभिषेक, पूजन का सिलसिला, रोशनी से दमके
गरबों की तैयारी में जुटे मंडल कल से शुरू हो जाएगी धूम
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। पश्चिम भारत के सबसे बड़े पर्व अश्विन नवरात्र का रविवार को धूमधाम से आगाज हो गया। देवी मंदिरों और घरों में सुबह घट-कलश स्थापना की धूम रही। पंडालों में प्रतिमा लाने का सिलसिला भी चलता रहा। गाजे-बाजे के साथ नाचते, गाते मंडल और उनके कार्यकर्ता प्रतिमाओं को ले जाते देखे गए। बाजार में भी रौनक दिखाई दी। पूजन सामग्री, हार-फूल और मिठाइयों का कारोबार एक बार फिर चल निकला।
51 शक्तिपीठों में से एक मां हरसिद्धि के दरबार में सुबह घट और कलश स्थापना की गई। ब्रह्म मुहूर्त से पूजन शुरू हुआ,जो सुबह करीब १०.०० बजे तक चला। इस दौरान रजत विग्रह घट के साथ स्थापित किया गया। विशेष घट स्थापना में श्री महाकालेश्वर मंदिर के गादीपति मंहत विनीत गिरी जी भी पहुंचे। महंत रामचंद्र गिरी ने बताया कि पूजन उपरांत मंदिर में दर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ और बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने पहुंचे। शाम ६.३० बजे दीपमालिकाएं प्रज्जवलित की जाएंगी। मुख्य आरती शाम ७ बजे होगी।
पहले दिन दर्शन का हाल यह रहा कि कतार मंदिर के परकोटे के बाहर तक निकल आई। राजा भृर्तहरि की आराध्य देवी गढक़ालिका माता मंदिर में भी सुबह घट स्थापना की गई। इसके बाद दर्शनों का सिलसिला चल निकला। यहां भी भारी भीड़ देखी गई। शहर के मध्य में विराजित मां चामुंडा माता मंदिर में भी घटस्थापना के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो दिनभर चलता रहा।
कल से शुरू होंगे गरबे: नवरात्र का पहला दिन पंडालों में भी प्रतिमा स्थापना के नाम रहा। रात से शुरू हुए चल समारोह दोपहर तक जारी रहे। इस बार बड़ी प्रतिमाएं लाई गई हैं। यह देखने में बहुत खूबसूरत हैं। दिन से शाम तक प्रतिमा स्थापना का दौर चलने से गरबे सोमवार से ही शुरू होने की उम्मीद है।
पेड गरबा आयोजकों के सामने अनुमति का संकट
प्रशासन और पुलिस ने गरबा आयोजकों और मंडलों को अनुमति देने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन पेड गरबा आयोजकों के सामने अनुमति का संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक इनकी अनुमति अदृश्य कारण बताते हुए रोकी जा रही है। हालांकि आयोजक सीधे तौर पर तो कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन वह अपनी पीड़ा टिकट लेने वालों को बता रहे हैं। उज्जैन में छह जगह पर अलग-अलग तारीखों में पेड गरबा होने वाले हैं।
कहां कौन सा किस तारीख में गरबा
| गरबा आयोजन का नाम | तारीख | वेन्यू |
|---|---|---|
| केसरिया रास | 13, 14, 15 | मित्तल एवेन्यू |
| गरबा रास | 16, 17, 18, 19 | मित्तल एवेन्यू |
| डांडिया बीट्स | 13, 14, 15 | राजाराम रिसोर्ट |
| अवंतिका नाइट्स | 16, 17, 18 | राजाराम रिसोर्ट |
| शुभारंभ | 14, 15 | आस्था गार्डन |
| रॉक एंड रोल | 16, 17, 18 | आस्था गार्डन |
| अवंतिका रास | 15, 16 | परमेश्वरी गार्डन |
| ए हालो | 15, 16, 17 | रामवन |
| गरबा उत्सव | 15, 16, 17 | राजमहल रिसोर्ट |
यह है टिकट का गणित
पेड गरबे के पास या टिकट तीन श्रेणी के होते हैं। पहला सिंगल, दूसरा कपल और तीसरा ग्रुप (अधिकतम पांच सदस्य)। यह पास या टिकट सिंगल डे और पूरे आयोजन के हिसाब से दिए जाते हैं।
क्या है रेट
सिंगल पास- 300 से 600
कपल पास- 799- 1000
ग्रुप पास- 1500- 2500
क्या कहते हैं जिम्मेदार
हमारे कार्यालय ने अनुमति जारी करने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है। जैसे-जैसे पुलिस का अभिमत आता जा रहा है, परमिशन देते जा रहे हैं। अब तक ३५ से ज्यादा अनुमति जारी हो चुकी है। अनुमति देते और रोकते समय पेड-अनपेड नहीं देखा जाता, क्योंकि आवेदन में पेड-अनपेड का जिक्र नहीं होता। पवन बारिया, एसडीएम कोठी महल
मेरे दफ्तर से किसी की अनुमति नहीं रुकी है। जितने भी आवेदन आए थे, सबको अभिमत के साथ एसडीएम कार्यालय भेजा जा चुका है। आलोक शर्मा, एएसपी, पूर्व









