दिव्यांगों- विधवाओं को हक दिलाने के लिए साइकिल से निकल पड़े देश नापने

बिहार के दीपक कुमार का जुनून
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दिव्यांगों और विधवाओं की समस्याओं ने बिहार के एक युवक को इतना बेचैन कर दिया कि उनका हक दिलाने के लिए वह देश नापने निकल पड़ा। एक पैर से दिव्यांग युवक ने साइकिल यात्रा शुरू की है और इसका समापन दिल्ली में होगा।
दरअसल, बिहार के आरा (भोजपुर) के रहने वाले दीपककुमार सिंह खुद एक पैर से दिव्यांग हैं। उन्होंने दिव्यांगों और विधवाओं की परेशानी को बहुत करीब से देखा है। यह दिक्कतें उन्हें मानसिक रूप में व्यथित करती थीं। ऐसे में उन्होंने दिव्यांगों और विधवाओं की परेशानियों को शासन तक पहुुंचाने के लिए साइकिल यात्रा शुरू करने का फैसला किया।
सोमनाथ से शुरू, दिल्ली में होगा समापन
दीपक सिंह ने सोमनाथ से दिल्ली की यात्रा शुरू की है। इस बीच वे रास्ते में आने वाले प्रमुख मंदिरों में भी माथा टेकेंगे। 8 सितंबर को वे सोमनाथ से चले थे। 34 दिन का सफर कर सोमवार को उज्जैन पहुंचे। यहां से वे ओंकारेश्वर जाएंगे। वे रोजाना करीब 15 किलोमीटर तक साइकिल चलाते हैं। पूरी यात्रा 1400 किलोमीटर की रहेगी। वे मैट्रिक (दसवीं) पास हैं।
हर शहर में वहां के प्रमुख जनप्रतिनिधि से मिलते हैं दीपक जिस भी शहर में पहुंचते हैं, वहां के प्रमुख जनप्रतिनिधि से मिलते हैं। उज्जैन में भी उन्होंने सांसद अनिल फिरोजिया से मुलाकात की और दिव्यांगों और विधवाओं की समस्या सामने रखी।
क्या है मांग: दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि में इजाफा होना चाहिए। ताकि यह लोग आत्मनिर्भर हो सकें। दिव्यांगों-विधवाओं का सरकारी राशन 5 किलो महीना से बढ़ाकर 35 किलो करना चाहिए, ताकि उनका गुजर-बसर ठीक से हो ।









