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शारदीय नवरात्र में फलों के भाव आसमान पर चढ़े

नवरात्र : व्रतियों और मां को अर्पण करने से उछली कीमतें

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अनार 250 तो ऑस्ट्रेलियाई अंगूर 400 रुपए प्रति किलो

उज्जैन। शारदीय नवरात्र शुरू होते ही शहर भक्ति के आगोश में डूब गया है। दस दिनी नवरात्रि महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग उपवास रख रहे हैं। ऐसे में फलों की खपत में इजाफा हो गया है। इस वजह से फलों की कीमतों में तगड़ा उछाल आ गया है। खासकर केले, सेवफल की कीमतें 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है।

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दरअसल, पश्चिम भारत में आने वाले उज्जैन में शारदीय नवरात्र प्रमुख पर्व रहता है। बड़ी संख्या में लोग मां की आराधना करते हैं। इनमें से कई तो पूरे नवरात्र व्रत-उपवास रखते हैं। इस बीच यह फलाहार करते हैं। यूं तो फलाहार में साबूदाने की खिचड़ी, साबूदाना बड़ा, चिप्स आदि भी होता है, लेकिन स्वास्थ्य को देखते हुए लोग अब फल और उनसे बने ज्यूस को ज्यादा महत्व देने लगे हैं। ऐसे में फलों की खपत बढ़ गई है। आवक की तुलना में खपत अधिक होने का असर फलों की कीमत पर पड़ा है और इनके दाम उछल गए हैं।

दाम एक नजर में

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सामान्य फल

फल का नाम पहले (₹) अब (₹)
सेबफल 90–100 120–150
अनार 100–150 200–250
केले 20–25 35–45
पपीता 40–50 60–80
मौसंबी 50–60 70–80
अंगूर 250–300 400

विदेशी फल

फल का नाम पहले (₹) अब (₹)
जामफल 100–120 200–250
ड्रैगन फ्रूट 50 100
कीवी 100 150
अनानास 30–40 50–70

नोट- कीवी के भाव प्रति पैकेट, ड्रैगन फ्रूट के प्रति नग के हैं। बाकी फलों के दाम रुपए प्रति किलो में हैं।

आवक कम और खपत अधिक होने से दाम चढ़े
आवक कम और खपत होने से फलों के दाम चढ़े हैं। वैसे भी त्योहारों के समय आहार में फलों का प्रयोग बढ़ जाता है। मंदिरों में भी देवी-देवताओं को फल अर्पित किए जाते हैं। इस वजह से दाम बढ़ जाते हैं। हालांकि लोग मंहगे होने के बाद भी अच्छी खरीदी कर रहे हैं।
अमन परमार,
फल विक्रेता फ्रीगंज

यह भी कारण

फल उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, कश्मीर, हिमाचल में कम बारिश होने से उत्पादन कमजोर।

खपत अधिक और आपूर्ति कम होना।

हेल्थ के प्रति बढ़ी जागरुकता के कारण फलों का उपयोग अधिक होना।

शरीर के पोषण के लिए बैलेंस डाइट जरूरी

डाइटिशियन रीना उपाध्याय कहती हैं कि मानव शरीर के पोषण के लिए बैलेंस डाइट जरूरी है। सिर्फ फल खाना ही पर्याप्त नहीं है। अगर कोई व्रत रख रहा है तो उसे प्रोटीन, काब्र्स, मिनरल इन सबकी बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। प्रोटीन के लिए दूध और दूध से बने प्रोडक्ट लिए जा सकते हैं। मिनरल के लिए ज्यूस, नारियल पानी, नींबू पानी लिया जा सकता है। वेजिटेबल लौकी, टमाटर, कद्दू, आलू का उपयोग किया जा सकता है । काब्र्स के लिए राजगीरे का आटा, साबूदाना, कुट्टू आदि का प्रयोग किया जा सकता है।

अधिक मिठाई और नमकीन के प्रयोग से बचें

ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग कहते हैं कि त्योहार के दौरान अधिक मिठाई और नमकीन के प्रयोग से बचना चाहिए। इनका सेवन
डायबिटीज, बीपी एवं हार्ट संबंधी समस्या पैदा कर सकता है। ब्लड में ज्यादा शुगर होने से बार-बार पेशाब, पेटदर्द और उल्टी की शिकायत हो सकती है। साबूत फल के सेवन के बजाय ज्यूस, हरी सब्जियों का अधिक उपयोग, प्रोटीन युक्त भोजन करना चाहिए। लिक्विड पदार्थ का उपयोग भरपूर करना चाहिए।

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