अब्दालपुरा में लोगों ने खुद ही तोडऩा शुरू कर दिए मकान

अब तक 6 लोगों ने काम शुरू किया, कुछ नगर निगम की कार्रवाई के इंतजार में
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक चौड़ी हो रही 730 मीटर लंबी सड़क में तुड़ाई का काम जारी है। इसी सड़़क पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान है जिसे तोडऩे के लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री स्वयं भूमि पूजन कर कुदाल चला गए थे। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने भी अपने मकान तोडऩा शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है विकास और सौंदर्यीकरण में हमें साथ देना चाहिए। इसी रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी है।
इस मकान के सामने क्षेत्र में पीर सांकडिय़ा सुल्तान और मनकामनेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर भी है जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। अपना पैतृक मकान तोडऩे के लिए मुख्यमंत्री पूजन करके कुदाल चला चुके हैं, हालांकि मंदिर के पुजारी मनीष त्रिवेदी का दावा है कि यह मंदिर मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान के सामने है। इस मंदिर की स्थापना मुख्यमंत्री के दादाजी ने की थी। इस मंदिर को टूटने नहीं दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। यह काम नगर निगम के जिम्मे है। वर्तमान में यह सड़क करीब 25 फीट चौड़ी है। इसे 50 फीट चौड़ी करने के लिए सड़क के दोनों तरफ के मकान 2.9 मीटर से 4.2 मीटर तक टूटेंगे। मकान तोडऩे के लिए नगर निगम ने 26 सितंबर को निशान डाल दिए थे। क्षेत्र के लोगों को नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के रहवासी रवींद्र कुमार राठौड़, उमेश भैरूलाल राठौड़, उमेश साहू, अन्नू सोनी ने नपती के हिसाब से अपने मकान तोडऩा शुरू कर दिए हैं। उधर गणेश चौक के पास बुजुर्ग महिला का कच्चा मकान पहले ही टूट चुका है। किराना व्यवसायी रवींद्र राठौड़ ने बताया उन्होंने दुकान का 60 फीट चौड़ा और 15 फीट लंबा भवन जेसीबी बुलवाकर तोड़ लिया है। आवश्यकता के अनुसार आगे की जगह छोड़ दी है। अन्य लोगों ने बताया कि वे भी सड़क चौड़ीकरण के लिए अपना भवन खुद ही तुड़वा रहे हैं।
40 फीट करें चौड़ीकरण
क्षेत्र के लोगों ने बताया मोहल्ले के एक तरफ केडी गेट से गणेश चौक तक और दूसरी तरफ निकास चौराहे से काजीपुरा तक की सड़क है जिससे यातायात अधिक रहता है। दोनों सड़कों का चौड़ीकरण हो चुका है। इस सड़क पर ज्यादा यातायात नहीं है। सिर्फ डोल ग्यारस पर जुलूस निकलता है। सड़क का चौड़ीकरण 50 फीट करने की जरूरत नहीं है। परंतु मामला मुख्यमंत्री का है। उज्जैन में सब जगह के मकान टूट रहे हैं और इस अभियान में मुख्यमंत्री का निवास नहीं टूटा तो गलत संदेश जाएगा इसलिए इस सड़क का भी चौड़ीकरण मजबूरी है। लोग मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं इसलिए चौड़ीकरण का विरोध भी नहीं कर सकते।
9. 8 करोड़ रुपए खर्च होंगे
सिंहस्थ से पहले यातायात सुधारने की तैयारी के लिए पुराने शहर के प्रमुख मार्गों को भी चौड़ा किया जा रहा है। सीमेंट कांक्रीट की सड़क बनाने में 9.8 करोड़ रुपए खर्च होंगे तथा क्षेत्र के 272 मकान प्रभावित होंगे। चौड़ीकरण के लिए निगमायुक्त और अन्य अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर मौका मुआयना कर चुके हैं। निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने लोगों के सहयोग और समन्वय से कार्य पूरा करने की बात कही है।









