नजरअली मिल परिसर और कवेलू कारखाना की जमीन पर बनेंगे कमर्शियल मार्केट

अच्छी पहल : चौड़ीकरण मार्ग के प्रभावित कारोबारियों को नई जगह पर बसाया जाएगा
महापौर टटवाल के सुझाव को सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी मंजूरी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर में चल रहे चौड़ीकरण से प्रभावित हो रहे कारोबारियों को फिर से बसाने के लिए नए मार्केट तैयार किए जाएंगे। महापौर मुकेश टटवाल के प्रस्ताव को सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंजूरी दे दी है। नजरअली मिल परिसर और कवेलू कारखाने की जमीन पर वीडी क्लॉथ मार्केट की तरह यह बाजार बनाए जा सकते हैं। यह मार्केट इनकी पहचान कीां बिकने वाली वस्तुओं (सोना-चांदी, बर्तन) के आधार पर बनाए जा सकते हैं।
कुछ दिन पहले हुई सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक में चौड़ीकरण प्रभावित कारोबारियों की समस्याओं पर भी बात करते हुए महापौर ने कहा था कि चौड़ीकरण में सभी लोग भरपूर सहयोग कर रहे हैं, कारोबारी भी इनमें शािमल हैं, लेकिन देखने में यह आ रहा है कि उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ऐसे मेें हम इनकी क्या मदद कर सकते है? महापौर की बात पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने अफसरों से कहा था कि आप यह सुनिश्चित करें कि विकास कार्यों के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हो रहे व्यापारियों के रोजगार एवं व्यवसाय को फिर से स्थापित करने की प्रभावी योजना बनाई जाए, ताकि उन्हें नए और उपयुक्त व्यावसायिक स्थल उपलब्ध हो सकें। इसी के बाद नए मार्केट बनाने का विचार आया है।
सीएम ने कहा कि शहरी क्षेत्र के मार्ग जितने विकसित होंगे, व्यापारिक गतिविधियां उतनी बेहतर होंगी।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित बाजार और इनके दुकानदारों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उनके बाजार के लिए वैकल्पिक स्थलों का चयन करें और उसे व्यवस्थित विकसित करें।
बर्तन बाजार तथा सोना-चांदी व्यापारियों के पुनर्वास की योजना बनाने पर बात हुई। नजर अली मिल क्षेत्र, कवेलू कारखाना और ऐसे ही उपयुक्त स्थानों पर विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार विकसित किया जा सकता है।
इन मार्केट के बनने से उन व्यापारियों को भी फायदा होगा, जो अभी किराये के भवनों में दुकान संचालित कर रहे हैं।
वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी किसी उपयुक्त बाजार में समायोजित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।









