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1 करोड़ रुपए का दो मंजिला संत भवन, 3 घंटे में हो गया खंडहर

सिंहस्थ क्षेत्र अंकपात रोड स्थित 11 मुखी हनुमान मंदिर के सामने नगर निगम की कार्रवाई

9 माह पहले ही दे दिया था निगम ने नोटिस, सुबह 6 बजे चला दी जेसीबी

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उज्जैन। सिंहस्थ क्षेत्र अंकपात रोड स्थित ११ मुखी विराट हनुमान मंदिर परिसर में साधु संतों के लिए बनाए जा रहे भवन पर नगर निगम ने आज सुबह कार्रवाई कर दी। 1 करोड़ रुपए खर्च कर बनाया गया यह भवन केवल तीन घंटे में ही खंडहर में बदल गया। निगम अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र में होने के कारण 9 माह पहले ही नोटिस दे दिया था।

सुबह करीब 6 बजे जब निगम का अमला मंदिर के बाहर पहुंचा और मेन गेट खुलते ही दो जेसीबी से भवन में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। सुबह 9 बजे तक आधे से ज्यादा भवन खंडहर में बदल गया था। निगम के अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। जनवरी में ही नोटिस दे दिया था।

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बाहर से धर्मशाला और अंदर से होटलनुमा कमरे

मंदिर परिसर में करीब 4 हजार वर्गफीट जमीन पर निर्माणाधीन संत निवास (धर्मशाला) में 20 रूम बनाए गए थे। इस पर एक करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। कार्रवाई के दौरान एक निगम कर्मी ने बताया बाहर से तो धर्मशाला दिखाई दे रहा था और अंदर होटल जैसे कमरे हैं। महावीरदास जी ने बताया इसके लिए एक करोड़ रुपए मांग मांग कर इक_े किए थे।

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10 फीट ऊंचा गेट बंद था, निगम कर्मी ऊपर चढक़र अंदर पहुंचा

कार्रवाई के लिए पुलिस फोर्स के साथ अमला सुबह करीब 5 बजे मंदिर के गेट पहुंचा, लेकिन 10 फीट ऊंचे गेट पर ताला अंदर से लगा था। निगम अधिकारियों ने गेट के खटखटाया लेकिन कोई नहीं आया तो एक निगम कर्मी गेट के ऊपर चढ़ा और अंदर पहुंचा, लेकिन तब तक मंदिर के सेवक केशरीनाथ आ चुके थे। ताला खुलते ही टीम अंदर पहुंची और काम शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने पहले देखा कि अंदर कोई है तो नहीं फिर जेसीबी बुलाई और तोडफ़ोड़ शुरू कर दी।

वीडियो कॉल कर नृसिंहदास जी को दिखाया दृश्य

जेसीबी और अमला देख मंदिर के महामंडलेश्वर महावीरदास जी सकते में आ गए। उन्हें यकीन ही नहीं था कि निगम की टीम इस तरह आ धमकेगी। निगम अधिकारियों ने कहा आप एक तरफ हो जाइए, नहीं तो मलबा ऊपर आ जाएगा। बाद में केशरीनाथ ने वीडियो कॉल कर नृसिंहदास महाराज को कार्रवाई का दृश्य दिखाया। सुबह का समय होने और किसी से बात न होने पर महावीरदास जी केशरीनाथ के साथ
अपने कक्ष में पहुंच गए।

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