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चरक अस्पताल में पीने के पानी को तरसे स्टॉफ व मरीज

दो दिन पहले फूटी मेन पाइप लाइन , अब तक नहीं सुधरी, खरीद कर पानी ला रहे हैं परिजन-कर्मचारी

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उज्जैन। चामुंडा माता चौराहे के पास फूटी पाइपलाइन ने जिला चिकित्सालय के चरक भवन में पीने और दैनिक उपयोग के पानी का संकट खड़ा कर दिया है। हाल यह है कि पानी नहीं मिलने से मरीज, परिजन और स्टॉफ के लोग दो दिनों से परेशान हो रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों को बाजार से बोतल और कैंपर खरीदकर पानी की व्यवस्था जुटानी पड़ रही है।

सात मंंजिला भवन की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसकी टंकियों में टैंकर से पानी नहीं चढ़ाया जा सकता। अस्पताल के बोरिंग बंद हैं और स्टोरेज के लिए भूमिगत टैंक नहीं है। चरक भवन में परिजन, अस्पताल स्टॉफ को जोड़ लें तो एक ही समय में 500 से अधिक लोगों की मौजूदगी हरदम रहती है। इन्हें पीने के अलावा लेट-बॉथ के लिए भी पानी की जरूरत होती है। पीएचई सप्लाई बंद होने का असर पूरे अस्पताल पर पड़ रहा है। अपर निगमायुक्त पवनकुमार सिंह ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने जल समस्या की जानकारी नहीं दी है। फूटी पाइपलाइन की मरम्मत की कोशिश कर रहे हैं।

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लाइन फूटी, 4 टंकियां रह गईं खाली

चरक अस्पताल के सामने एलिवेटेड कॉरिडोर की पाइल के लिए रवि इन्फ्राबिल्ड ने खुदाई करवाई थी। इस दौरान पीएचई की मेन लाइन फूट गई है। कंपनी ने इस पर क्रांकीट भी डाल दिया है। इस वजह से लाइन रिपेयर नहीं होरही है। चरक भवन का कनेक्शन इसी लाइन है। ऐसे में भवन में पानी की किल्लत हो गई है। गुरुवार को देवासगेट, क्षीरसागर और सुदामानगर की टंकियां भी नहीं भर सकीं।

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चरक भवन की पानी व्यवस्था पूरी तरह पीएचई पर ही निर्भर
चरक अस्पताल में पानी की व्यवस्था पीएचई की पाइप लाइन के भरोसे है। पीएचई लाइन से ही टंकियां भरी जाती हैं। यह पानी ही पूरे अस्पताल में सप्लाई होता है। भवन बनाने वाली एजेंसी ने यहां तीन बोरिंग कराए थे, पीएचई सप्लाय नहीं मिलने पर बोरिंग से टंकियां भरी जाती थीं लेकिन तीनों बोरिंग वर्तमान में खराब हैं। ऐसे में पूरा भवन पीएचई सप्लाई पर निर्भर है।

स्टोरेज का विकल्प नहीं
चरक अस्पताल के बोरिंग महीनों से खराब हैं। इनकी मोटरें भी बंद हैं। अस्पताल प्रबंधन के पास इस परिस्थिति से निपटने के लिए तीसरी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है,क्योंकि इमरजेंसी में पानी स्टोरेज के लिए भूमिगत टैंक नहीं हैं। ऐसे में टैंकर से भी सप्लाई नहीं हो सकती है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन पाइपलाइन ठीक होने का इंतजार कर रहा है।

दो नए बोरिंग के लिये पत्र लिखा
आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलीकर ने बताया कि पीएचई सप्लाई नहीं मिलने के कारण अस्पताल में पीने और दैनिक उपयोग के पानी की समस्या पैदा हुई है। तीनों बोरिंग खराब हैं। नए दो बोरिंग के लिए पत्र लिखा है। संभवत: इसी सप्ताह दो बोरिंग हो जाएंगे। अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह ने बताया कि चरक भवन की सप्लाई प्रभावित होने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। फूटी पाइपलाइन की मरम्मत करा रहे हैं। तकनीकी खामी की वजह से दिक्कत आ रही है।

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