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इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन पूरा होने पर 35 मिनट समय कम होगा सफर में

सिंहस्थ में आने वालों को परेशानी नहीं होगी, दोनों ओर सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा

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सबसे बड़ी बात, हादसों में भी कमी आएगी

15 साल तक रखरखाव करेगी निर्माण एजेंसी

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन परियोजना के अंतर्गत उज्जैन-इंदौर शहर के शहरी भाग में सिक्स लेन मुख्य मार्ग के अतिरिक्त दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय यातायात को सुगमता होगी और दुर्घटनाओं में कमी होगी। साथ ही सिंहस्थ-2028 में भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी। उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन मार्ग के पूर्ण होने के बाद इंदौर से उज्जैन की यात्रा 80 मिनट की जगह महज 45 मिनट में तय होगी।

15 से शुरू हुआ कार्य

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सिंहस्थ महाकुंभ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान उज्जैन-इंदौर फोरलेन मार्ग को सिक्सलेन मय पेव्हड शोल्डर में हाईब्रिड एन्यूटी मोड के तहत् निर्माण किया जा रहा है। यह मार्ग देवी अहिल्या की नगरी इंदौर से अध्यात्म की नगरी उज्जैन को जोड़ेगा। 15 जनवरी से मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन मार्ग का निर्माण इंदौर शहर के ओरोविन्दो मेडिकल कॉलेज से प्रारंभ होकर उज्जैन के हरी फाटक चौराहे तक किया जाएगा।

14 जनवरी 2027 तक पूर्ण होगा

उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन कार्य की निर्माण लागत 1692 करोड़ रुपए है। यह विद्यमान भूमि में ही किया जा रहा है। यह कार्य आगामी 2 वर्ष 14 जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जाना है एवं कार्य पूर्णता के उपरांत 15 साल तक मार्ग के रख-रखाव का कार्य निर्माणकर्ता एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इस प्रकार पूर्ण परियोजना पर आगामी 17 वर्षों में 1692 करोड़ का व्यय होगा।

नदी पर वृहद पुल का निर्माण किया जाएगा- उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन परियोजना के अंतर्गत क्षिप्रा नदी एवं कान्ह नदी पर वृहद पुल का निर्माण, उज्जैन शहर के महामत्युंजय द्वार तिराहे पर तथा शांति पैलेस चौराहे पर फ्लाई ओव्हर निर्माण, कुल 6 व्हीकुलर अंडरपास जिसमें ग्राम धरमपुरी में 1, ग्राम सांवेर में 3, ग्राम पंथपिपलई में 1 तथा उज्जैन शहर में इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहे पर 1 एवं इसके अतिरिक्त अन्य ट्रक एवं बस ले बाय, पुलियाओं इत्यादि का भी निर्माण किया जाएगा।

औद्योगीकरण होगा सिक्स लेन से

कलेक्टर नीरज कुमार सिंह का कहना है कि उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन परियोजना एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है। इससे यातायात सुगम व निर्बाध रूप से होगा जिससे भविष्य में उज्जैन इंदौर के बीच औद्योगीकरण बढ़ेगा। उज्जैन व आसपास के जिलों में नई आर्थिक गतिविधियों का सृजन होगा तथा नागरिकों को रोजगार प्राप्त होंगे।

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