मप्र के 7,400+ मेधावी छात्रों को मिली ई-स्कूटी, सीएम ने सीधे खाते में ट्रांसफर की राशि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से की बातचीत, पूछा- आगे क्या करना है…
अक्षरविश्व न्यूज भोपाल। मध्यप्रदेश के 7,400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज ई-स्कूटी और मोटराइज्ड वाहन की सौगात दी गई। भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सांकेतिक रूप से चाबी सौंपी। पात्र विद्यार्थियों के खातों में वाहन की राशि भी ट्रांसफर की गई। कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में इस साल बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक जरूरी है।
सीएम ने छात्रा से पूछा किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं है…
मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी राय से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि वह आगे की पढ़ाई के लिए किस विषय में एडमिशन ले रही हैं। खुशी ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रही हैं और साथ में बीकॉम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उसके परिवार के बारे में भी पूछा। खुशी ने बताया कि परिवार में उसके मम्मी-पापा हैं। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रा से हल्के-फुल्के अंदाज में परिवार को लेकर बातचीत की और उसे स्कूटी मिलने पर बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सुभाष के विद्यार्थी शब्द अहिरवार से भी संवाद किया। शब्द ने बताया कि उसने 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता और मां नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि उसे किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, जिस पर शब्द ने कहा कि उसे कोई परेशानी नहीं है। शब्द ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रहा है। परिवार में किसी के सर्विस या बिजनेस में होने के सवाल पर उसने बताया कि ऐसा कोई नहीं है। उसने कहा कि फाइनेंस और अकाउंट्स में उसकी रुचि है, इसलिए उसने सीए बनने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने उसकी रुचि और लक्ष्य की सराहना की।









