कर्ज से परेशान डिलीवरी बॉय ने जहर खाकर दी जान

इंदौर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आत्महत्या के दो बेहद दर्दनाक मामले सामने आए हैं। पहली घटना चंदन नगर क्षेत्र की है, जहां एक डिलीवरी बॉय ने कथित तौर पर क्रेडिट कार्ड का कर्ज न चुका पाने के कारण मानसिक तनाव में आकर जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना आजाद नगर क्षेत्र की है, जहां एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस इन दोनों ही मामलों की बारीकी से जांच कर रही है।
कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते तनाव में था लखन
चंदन नगर थाना पुलिस के अनुसार, व्यास नगर में रहने वाले 25 वर्षीय लखन (पुत्र राजू कोटे) ने बुधवार को अपने घर पर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसकी पत्नी ने तुरंत लखन के बड़े भाई करण को इस बात की सूचना दी। परिवार के लोग उसे आनन-फानन में एमवाय (MY) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार तड़के करीब 3 बजे इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
लखन के परिजनों ने बताया कि वह पार्सल डिलीवरी करने के साथ-साथ रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। पिछले कुछ समय से उसका काम-काज ठीक नहीं चल रहा था, जिसके कारण घर में आर्थिक तंगी बनी हुई थी। इस तंगी से निपटने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड से कुछ कर्ज लिया था, जिसे वह समय पर चुका नहीं पा रहा था। बैंक या क्रेडिट कार्ड के इस कर्ज की वजह से वह पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव में था।
डेढ़ साल पहले ही हुई थी शादी
लखन की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी और उसके परिवार में उसकी पत्नी, माता-पिता और एक बड़ा भाई है। पुलिस को घटनास्थल या घर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए अभी तक इस बात की सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है कि उस पर कुल कितना कर्ज बकाया था। पुलिस परिजनों और बैंक डिटेल्स के जरिए इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
आजाद नगर में एक और युवक ने लगाई फांसी
आत्महत्या का दूसरा मामला आजाद नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां के इदरीश नगर में रहने वाले 21 साल के अनोज एड्रयू ने बुधवार की रात अपने ही घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद उसके कुछ परिचित उसके शव को लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव को अस्पताल लाने वाले लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, जिसके कारण आत्महत्या के असली कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एक जरूरी संदेश: आर्थिक परेशानियां या कर्ज का तनाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, आत्महत्या कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। अगर आप या आपका कोई जानने वाला किसी भी तरह के मानसिक तनाव या डिप्रेशन से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत मदद लें। भारत सरकार की हेल्पलाइन ‘किरण’ (Kiran) पर 1800-599-0019 पर कॉल करके मुफ्त और गोपनीय मानसिक परामर्श लिया जा सकता है। इसके अलावा कई संस्थाएं कर्ज से निपटने के लिए कानूनी और वित्तीय सलाह भी देती हैं।









