वेतन घोटाला… गैरहाजिर, रिटायर्ड कर्मचारियों के नाम पर अपने खातों में डकार रहे थे सैलरी

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। इंदौर नगर निगम में फर्जीवाड़े और घोटाले का एक नया मामला सामने आया है। लंबे समय से गैरहाजिर और रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों के नाम पर फर्जी तरीके से वेतन जारी कर आउटसोर्स कर्मचारी अपने और अपने परिवार के बैंक खातों में डाल रहे थे। मामला उजागर होने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा घोटाला तब पकड़ में आया जब जून महीने का वेतन जुलाई में जारी किया जा रहा था और अचानक बैंक से 22-23 भुगतान कैंसिल हो गए। लेखा विभाग के अपर आयुक्त (राजस्व) देवधर दरवई ने जब बैंक खातों की पड़ताल की, तो 5 खातों में भारी गड़बड़ी पाई गई। इनमें से 3 कर्मचारी पिछले एक साल से गैरहाजिर थे और 2 रिटायर्ड हो चुके थे।
जांच में खुलासा हुआ कि स्थापना शाखा के अमन सालवी और आईटी विभाग के अनुज पंवार (दोनों आउटसोर्स कर्मी) मिलकर पिछले 7 महीनों से यह फर्जीवाड़ा कर रहे थे। अनुज पंवार ने तो अपने और अपने परिवार की महिला सदस्य के बैंक खाते दर्ज करवा दिए थे, जिनमें हर महीने वेतन ट्रांसफर किया जा रहा था। मामला सामने आते ही निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने दोनों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है। हालांकि, अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी और फर्जी तरीके से निकाले गए करीब 3.5 लाख रुपए की रिकवरी होना बाकी है।
सबक लेते हुए निगमायुक्त ने निगम के सभी 22 जोनों और मुख्यालय में पदस्थ अफसरों से लेकर कर्मचारियों की बैंक पासबुक मंगवाकर सर्विस बुक में दर्ज बैंक अकाउंट नंबर से क्रॉस चेक करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की धांधली पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। साथ ही, निगम में इस फर्जीवाड़े के पीछे बड़े अफसरों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है, जिसको लेकर आंतरिक स्तर पर बारीकी से जांच तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो आने वाले दिनों में कई और बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।
450 से ज्यादा कर्मचारियों को नहीं मिला बढ़ा हुआ वेतन, आक्रोश
दूसरी ओर, निगम में कार्यरत 450 से अधिक विनियमित कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान बढ़ा हुआ वेतन इस महीने मिलना था, जो नहीं मिल सका। कर्मचारियों का कहना है कि ऑडिट विभाग की आपत्ति के कारण उन्हें यह लाभ नहीं मिला, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश पनप रहा है।









