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कालभैरव मंदिर में लोहे के मिनी ब्रिज से बाहर निकलेंगे भक्त

ब्रिज बनने के बाद बदलेगी दर्शन व्यवस्था विक्रांत भैरव तरफ से ही आ जा सकेंगे दर्शनार्थी

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200 फीट लंबा मिनी ब्रिज बनना शुरू अभी 20 फीट ही बना

50 बीघा जमीन पर कालभैरव लोक बनाने के लिए हो रही तैयारी

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150 करोड़ रुपए से आकार लेगा लोक

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देशभर में मदिरा पान के लिए प्रसिद्ध एकमात्र कालभैरव मंदिर में लोहे का 200 फीट लंबा मिनी ब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे होकर भक्त दर्शन के बाद बाहर निकल सकेंगे। इसके बनने के बाद मुख्य द्वार से एंट्री होगी और इस ब्रिज से एग्जिट।
सिंहस्थ को देखते हुए कालभैरव मंदिर का डेवलपमेंट 150 करोड़ रुपयों से किया जाएगा। यूडीए को एजेंसी के रूप में यह काम सौंपा गया है। करीब 50 बीघा जमीन पर श्री कालभैरव लोक आकार लेगा। इसके लिए प्रशासन अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कर रहा है।

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लोक बनाने का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन बड़ी समस्या मंदिर में उमड़ रही भीड़ है। इस कारण लोक का काम तेज रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। वर्तमान में मंदिर के मुख्य द्वार के पहले जेल रोड तरफ एग्जिट गेट है। मिनी ब्रिज आने वाले समय में एग्जिट के रूप में काम देगा। मुख्य प्रवेश द्वार से दर्शनार्थी एंट्री करेंगे और मिनी ब्रिज से होकर विक्रांत भैरव की ओर से गढ़कालिका होते हुए वापस जा सकेंगे। फिलहाल 20 फीट से ज्यादा ब्रिज के लिए लोहे का स्ट्रक्चर बन सका है। इसके ऊपर फैब्रिकेशन वर्क के साथ ट्रांसपेरेंट शेड भी रहेगा। इसका लुक आकर्षक होगा और इस पर से लोग आ-जा सकेंगे।

टूटे फूटे बेरिकेड्स हटाए
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के आदेश पर तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार को मंदिर में पदस्थ किया है। मंदिर के बाहर के सभी टूटे फूटे बेरिकेड्स हटा दिए गए और एक भक्त के सहयोग से लाए गए फाइबर के नए बेरिकेड्स नए तरीके से लगाए गए है। इससे दर्शन व्यवस्था को लेकर भी मशक्कत करनी पड़ी। वीआईपी एंट्री बंद की गई और स्लॉट में दर्शनार्थियों को छोड़ा जा रहा है, ताकि भीड़ बेकाबू न हो।

कहां और कैसा बन रहा मिनी ब्रिज

शिप्रा नदी की ओर की दीवार को तोड़कर मिनी ब्रिज बनाया जा रहा है। यह अनूठा होगा, क्योंकि मंदिर की ऊंचाई से शुरू होगा और 200 फीट दूरी पर एक तरफ ही डाउन होगा।

दीपवाली बाद ही यह बनकर तैयार होने की संभावना है, क्योंकि इसमें लोहे के हेवी पाइप और गर्डर का उपयोग किया जा रहा।

स्ट्रक्चर बनने के बाद उस पर शीट लगाई जाएगी ताकि लोग उस पर चल सकें। इसके ऊपर भी शेड होगा। यूडीए ईई कुलदीप रघुवंशी ने बताया रैंप का काम तेज कर दिया गया है।

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