अपना स्वीट्स के वेस्ट मटेरियल से फैली थी गंदगी, 50 हजार लगा जुर्माना

उज्जैन। कोठी रोड पर मंगलवार की सुबह गंदगी अपना स्वीट्स के वेस्ट मटेरियल से फैली थी। नगर निगम की टीम ने पुख्ता सबूत मिलने पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है।

दरअसल मंगलवार की सुबह जब नियमित सैलानी कोठी रोड पर निकले तो उनका सामना तीव्र बदबू से हुआ था। कलेक्टर और कुलगुरु बंगले के सामने से लेकर प्रशासनिक संकुल तक गंदगी सड़क पर पसरी थी। नाक दबाए लोगों ने इसकी सूचना नियमित सैलानी महापौर मुकेश टटवाल को दी थी। कइयों ने तो अपनी सैर रद्द कर दी थी और घर लौट गए थे। महापौर ने तत्काल पानी के टैंकर भेजकर गंदगी साफ करवाई थी।
हालांकि इस बीच निगम की टीम गंदगी फैलाने वाले वाहन की तलाश भी कर रही थी। दोपहर होते-होते गंदगी फैलाने वाले वाहन का भी पता चल गया। यह वाहन देवास रोड स्थित अपना स्वीट्स से निकला था। इसमें वेस्ट मटेरियल भरा था और वॉल्व खुला होने से गंदगी सड़क पर फैल गई थी। निगम के अफसरों ने वाहन मालिक के साथ अपना स्वीट्स प्रबंधन को भी जिम्मेदार माना। ऐसे में अफसरों ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया।
आम आदमी के स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता था
उपायुक्त संजेश गुप्ता ने बताया कि अपना स्वीट्स प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार की है। उन्हें अपने यहां के वेस्ट मटेरियल का निष्पादन नियमों के मुताबिक करना था। चूंकि यह मटेरियल आम आदमी के स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता था, ऐसे में 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
फूड ग्रेवी का वेस्ट था, तीन महीने में चैंबर खाली कराते हैं
दरअसल फूड ग्रेवी का वेस्ट मटेरियल था। हर तीन महीने में चैंबर खाली कराते हैं। संबंधित ने नगरनिगम का हवाला देकर तीन ट्रॉली वेस्ट मटेरियल निकाला था। इसके एवज में 10 हजार रुपए का भुगतान किया था। प्राइवेट करियर संचालक की गलती थी। अब उसने
फोन भी बंद कर लिया है।
वैष्णवी जाधव, मैनेजर, अपना स्वीट्स देवास रोड
एक फोन और 1 लाख का जुर्माना हो गया 50 हजार!
वीआईपी क्षेत्र में गंदगी फैलने की घटना को नगर निगम ने गंभीर माना था, पहले १ लाख का जुर्माना लगाया जा रहा था। बाद में पॉलिटिकल हस्तक्षेप के बाद इसे 50 हजार रुपए कर दिया गया। इसके लिए अपना स्वीट्स के डायरेक्टर प्रकाश राठौर को एक स्थानीय पॉलिटिशियन की मदद लेनी पड़ी। उनका फोन जाते ही जुर्माना १ लाख से घटकर ५० हजार हो गया।









