130 की रफ्तार से दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन, धार तक ट्रेन पहुंचने की राह में एक कदम और आगे

टीही-धार रेलखंड पर पहली बार इलेक्ट्रिक लोको का सफल स्पीड ट्रायल
इंदौर/धार। इंदौर से धार तक रेल कनेक्टिविटी का इंतजार अब खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत नवनिर्मित टीही-धार रेलखंड पर सोमवार को पहली बार इलेक्ट्रिक इंजन का सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस दौरान इंजन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ा।
चार चरणों में हुए परीक्षण के दौरान रेल ट्रैक, विद्युतीकरण और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। अब 5 और 6 नवंबर को रेल संरक्षा आयुक्त इस रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। उनकी जांच के बाद ट्रेन संचालन की दिशा में अगला कदम बढ़ाया जाएगा। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अनुसार, मुख्य अभियंता निर्माण धीरज कुमार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में यह परीक्षण किया गया। पहले चरण में टीही से धार के बीच 30 और धार से टीही के बीच 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन चलाया गया। इसके बाद गति बढ़ाकर टीही से धार के बीच 110 और वापसी में अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया गया।
5 और 6 नवंबर को होगी सुरक्षा जांच
स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद अब रेल संरक्षा आयुक्त की जांच होगी। पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास 5 और 6 नवंबर को टीही-धार रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे ट्रैक, पुल-पुलिया, अन्य रेल संरचनाओं, सिग्नलिंग और विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा जांच करेंगे। निरीक्षण के बाद रेल परिचालन शुरू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया तय होगी।









