पहली बार महाकाल मंदिर का प्रशासन युवा आईएएस को सौंपा

सरकार ने ही अपर कलेक्टर के साथ मंदिर प्रशासक का प्रभार कौशिक को दिया

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को बरसों से पूर्णकालिक प्रशासक का इंतजार है, लेकिन एक बार फिर यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी है। सरकार ने आईएएस और गुना जिला पंचायत सीईओ को अपर कलेक्टर उज्जैन के साथ महाकाल मंदिर प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी है। कौशिक इसी हफ्ते उज्जैन में ज्वाइन होंगे। यह पहला ऐसा मौका है जब सरकार ने सीधे ही किसी युवा आईएएस को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
इस नए प्रयोग के साथ सरकार ने महाकाल मंदिर प्रशासन में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। दरअसल मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार महाकाल मंदिर को लेकर गंभीर है। हाल ही मंदिर में दर्शनार्थियों से अवैधानिक रूप से रुपए लेने के मामले में करीब 20 कर्मचारी पकड़े जा चुके हैं और कई जेल भेजे जा चुके हैं। इसके बाद सरकार ने संघ के करीबी गणेश धाकड़ को प्रशासक पद से हटा दिया था।
धाकड़ के बाद कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने एडीएम अनुकूल जैन को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी थी। सोमवार रात सरकार ने गुना जिला पंचायत सीईओ प्रथम कौशिक को उज्जैन में अपर कलेक्टर पद पर स्थानांतरित करते हुए महाकाल मंदिर प्रशासक का प्रभार भी दे दिया है।
अमूमन मंदिर प्रशासक का प्रभार कलेक्टर द्वारा सौंपा जाता है। इसलिए इस आदेश ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी चौंका दिया। कौशिक अभी नए आईएएस हैं और 2017 में ही यूपीएससी टॉप की थी। 2018 बैच के कौशिक मूलत: हरियाणा के हैं और 2022 में ही गुना में जिला पंचायत सीईओ का पद संभाला था। कम समय में ही कौशिक ने ईमानदार और दबंग अधिकारी के रूप में पहचान बनाई है।
अभी रिलीव होने का इंतजार..
उज्जैन स्थानांतरित कौशिक ने अक्षरविश्व को बताया अभी वे रिलीव ही नहीं हुए हैं। गुना जिला पंचायत सीईओ से रिलीव होने के बाद ज्वाइन करेंगे। उन्होंने कहा महाकाल मंदिर प्रशासक के रूप में कार्य करने का उत्साह है, लेकिन पहले वे मंदिर की कार्यशैली को समझेंगे। कौशिक मुख्यमंत्री की पसंद माने जा रहे हैं।
पूर्णकालिक प्रशासक फिर भी नहीं मिला…
महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्णकालिक प्रशासक की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन प्रशासक की जिम्मेदारी हर बार किसी प्रशासनिक अधिकारी को ही दी जा रही। हालांकि यह दूसरा मौका है जब किसी आईएएस को यह जिम्मा सौंपा गया है। इसके पहले जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीणा को प्रभारी प्रशासक बनाया गया था, लेकिन शासन स्तर पर पहली बार आईएएस के रूप में कौशिक मंदिर प्रशासन की कमान संभालेंगे। इसके पहले एडीएम या उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ को भी यह जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है।
कौशिक अपने दूसरे प्रयास में ’प्रथम’ रहे
2017 में यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले प्रथम कौशिक की कहानी भी बहुत प्रेरणादायक है। पहले प्रयास में आत्मविश्वास की कमी ने उन्हें कामयाबी से दूर कर दिया था, लेकिन दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने कक्षा 6 से 12वीं तक की पाठ्य पुस्तकों को आधार बनाकर तैयारी की थी।
प्रथम कौशिक हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और ग्रेजुएशन के दौरान ही सिविल सेवा परीक्षा देने का मन बना लिया था।
पिता नरेंद्र कौशिक कैथल में उप आबकारी व कराधान आयुक्त हैं।









