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घर के मंदिर में रखें ये 7 चीजें, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

घर का मंदिर पूरे आवास का सबसे पवित्र कोना होता है, जहाँ से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंदिर की इसी ऊर्जा से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। लेकिन कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी चीजें मंदिर में रख देते हैं, जिससे वहां सकारात्मकता की जगह नकारात्मकता बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर हमारी बरकत, काम और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

 

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वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर के मंदिर में ऐसी 7 चीजें हैं जिन्हें रखने से हमेशा बचना चाहिए:

1. खंडित मूर्तियां

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर में कभी भी टूटी या खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसी मूर्तियां घर के माहौल में तनाव पैदा करती हैं और रिश्तों में कड़वाहट लाती हैं। अगर कोई मूर्ति खंडित हो गई है, तो उसे आदरपूर्वक किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए।

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2. एक से ज्यादा शिवलिंग

घर के मंदिर में कभी भी एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखने चाहिए। ऐसा करने से घर की ऊर्जा असंतुलित हो जाती है। अगर आप मंदिर में शिवलिंग रखना ही चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि वह आकार में बहुत छोटा होना चाहिए।

3. भगवान का रौद्र रूप

मंदिर में हमेशा भगवान की शांत, मुस्कुराती हुई और आशीर्वाद देती हुई मुद्रा वाली तस्वीरें या मूर्तियां ही स्थापित करनी चाहिए। भगवान के गुस्से या रौद्र रूप वाली तस्वीरें घर में क्लेश और अशांति का कारण बन सकती हैं।

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4. मुरझाए और बासी फूल

भगवान को हमेशा ताजे फूल ही अर्पित करने चाहिए। मंदिर में कभी भी मुरझाए या बासी फूल नहीं रहने देने चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। इसका सीधा असर परिवार के सदस्यों के भाग्य और मानसिक शांति पर पड़ता है।

5. पूर्वजों (पितरों) की तस्वीरें

हमारे पूर्वज आदरणीय हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार भगवान और पितरों का स्थान हमेशा अलग होना चाहिए। इसलिए मंदिर में भगवान के साथ पूर्वजों की तस्वीरें कभी न रखें। पूर्वजों की तस्वीरों के लिए घर की दक्षिण दिशा की दीवार सबसे उत्तम मानी जाती है।

6. नुकीली और लोहे की चीजें

मंदिर की पवित्रता और शांति बनाए रखने के लिए वहां चाकू, कैंची या लोहे की नुकीली चीजें रखने से बचें। अगर पूजा या भोग के समय आपको चाकू की जरूरत पड़ती भी है, तो काम खत्म होते ही उसे तुरंत रसोई घर में वापस रख दें।

7. एक ही भगवान की कई मूर्तियां

वास्तु के अनुसार, मंदिर में एक ही देवी-देवता की कई मूर्तियां आमने-सामने या आस-पास नहीं रखनी चाहिए। इससे घर के सदस्यों के बीच अनबन की स्थिति बन सकती है। पूरे मंदिर में हर भगवान की एक ही सुंदर प्रतिमा पर्याप्त होती है।

विशेष वास्तु टिप (प्लास्टिक के डिब्बों से बचें)

अक्सर लोग पूजा के चावल, रोली, चंदन और मौली (कलावा) रखने के लिए प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल करते हैं, जो कि वास्तु के अनुसार सही नहीं है। इन पवित्र सामग्रियों को रखने के लिए हमेशा पीतल, तांबे या मिट्टी के बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए।

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