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महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आग, स्प्रे गुलाल से भभकी,CM के परिजन भी थे नंदी हॉल में, मचा हड़कंप

घटना की होगी मजिस्ट्रियल जांच, कलेक्टर ने 3 दिन में रिपोर्ट मांगी

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अक्षरविश्व प्रतिनिधि. उज्जैन:होली पर्व पर आज सुबह महाकाल मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। गर्भगृह में लगी आग अचानक भभक उठी, जिसमें 13 लोग झुलस गए। प्रशासन में हड़कंप इस बात से भी मच गया था कि सीएम डॉ मोहन यादव के परिजन भी भस्मारती में शामिल थे। अग्निकांड के कारण पुजारियों को भस्मारती बीच में छोड़कर भागना पड़ा। इससे मंदिर में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। सीएम के परिजनों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया।

श्री महाकालेश्वर मंदिर हुई इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने दिए हैं। उन्होंने तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन द्वारा संपूर्ण घटना की जांच की जाएगी।

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यह हादसा उस समय हुआ जब भस्मारती नित्य की तरह मंत्रोच्चार के साथ हो रही थी। स्प्रे गुलाल के कारण आरती में जल रहा कपूर भभक उठा। स्प्रे गुलाल में अल्कोहल होता है। इस कारण गुलाल से आग भभक उठी। गर्भगृह में आरती के समय चांदी के दरवाजे को कपड़े से ढंक दिया गया था और ऊपर लगे रुद्र यंत्र पर भी कपड़ा लगाया गया था। आग से वह भी भभक पड़ा और जलते हुए अचानक पुजारियों पर गिर पड़ा। इससे यह हादसा हो गया।

यह हादसा इतनी तेजी से हुआ कि कोई संभल नहीं सका। मुश्किल से दो तीन मिनट के अंतराल में यह हादसा हो गया, जिसमें मुख्य पुजारी परिवार के संजय पुजारी सबसे ज्यादा झुलसे हैं। उनके सहित एक दर्जन पण्डे, पुजारी और सेवक भी चपेट में आए हैं, जिनमें विकास पुजारी, मनोज पुजारी, पुजारी शिवम, पुजारी आनंद पांडे, पुजारी मनोज शर्मा, अंश पुरोहित, सेवक महेश शर्मा, कमल जोशी, मंगल और चिंतामन गेहलोत आदि शामिल हैं। कलेक्टर ने सिंह ने बताया सभी का उपचार चल रहा है। घटना पूरी तरह नियंत्रण में है। सामान्य दर्शन भी शुरू हो गए हैं।

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भगवान के साथ होली खेलने का था उत्साह…

रोज सुबह होने वाली भस्मारती में आज सुबह होली का अपार उत्साह था। बड़ी संख्या में दर्शनार्थी इस खास दिन भगवान महाकाल की भस्मारती में शामिल होने पहुंचे थे। भगवान के साथ भक्त होली खेलने पहुंचे थे। इसके लिए भीड़ उमड़ पड़ी और रंग और गुलाल उड़ाने की होड़ मच गई। इसी दौरान आग भभक उठी।

सीसीटीवी फुटेज हटाए

भस्मारती का लाइव प्रसारण मंदिर के माध्यम से चैनलों पर भी किया जाता है। इस कारण अग्निकांड के कुछ दृश्य चैनलों पर भी जारी हो गए। हालांकि मंदिर समिति के कर्मचारियों ने इसे ताबड़तोड़ हटा दिए।

कुछ देर में होने लगे दर्शन

घटना पर प्रशासन ने तुरंत नियंत्रण किया। कुछ देर बाद ही मंदिर में सामान्य दर्शन भी शुरू कर दिए गए, लेकिन आग की घटना।पूरे देश में फेल गई।

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