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बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा सर्वोपरि, हर व्यक्ति तक पहुंचाएंगे राहत : मुख्यमंत्री

रीवा पहुंचकर मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की

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मरीजों का गंभीरता से उपचार किया जाए

अक्षरविश्व न्यूज रीवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचकर रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि से बने हालात और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए और प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जाए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी है। लोगों के जान-माल और पशुधन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन परिवारों का भोजन, घर या अन्य सामान नष्ट हुआ है, उन्हें तत्काल आरबीसी-64 के प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां अभी भी जलभराव की स्थिति है, वहां राहत शिविरों में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों से पानी उतर गया है, वहां प्रशासनिक अमले को भेजकर लोगों की जरूरतों का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों और नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाए जाएं। बुखार, सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारियों के मरीजों का गंभीरता से उपचार किया जाए। पेयजल की शुद्धता के लिए जल स्रोतों और हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया जाए।

पशु चिकित्सा और फसल नुकसान पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां जल्द से जल्द बिजली बहाल की जाए। पशु चिकित्सा विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर पशुओं के उपचार की व्यवस्था की जाए। पशुओं की मृत्यु होने पर वैज्ञानिक तरीके से उनका निपटान किया जाए। उन्होंने गोशालाओं में चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। फसल नुकसान की सूचना मिलने पर तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रारंभिक अवस्था में नष्ट हुई फसलों के लिए किसानों को बीज आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।

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प्रभावित क्षेत्रों में चलेगा स्वच्छता अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी फैलने से रोकने के लिए गांवों और नगरीय निकायों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। अधिकारी-कर्मचारी अपने क्षेत्रों में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।

छग, यूपी और मप्र में बाढ़ जैसे हालात

लखनऊ/भोपाल/नईदिल्ली। छत्तीसगढ़ की तरह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। यहां बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। रविवार को तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। यूपी में भी बारिश और नदियों का जलस्तर बढऩे से 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाराबंकी में करीब 1,250 ग्रामीणों के लिए नाव ही आने-जाने का सहारा बनी हुई है। लोगों को रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो रही है।

मध्य प्रदेश के सीधी में शनिवार को 104 करोड़ लागत से 6 महीने पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बह गया। नरसिंहपुर में रेतघाट पुल पानी में डूब गया है। सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। दो लोग बच गए, तीसरा लापता है। पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया। यूपी में रविवार को 53 शहरों में बारिश हुई। लखनऊ में 2 घंटे की मूसलाधार बारिश से सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया।

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