आशीर्वाद के वेस्ट दीयों से बने नंदी मुख्यमंत्री ने वेस्ट टू आर्ट को सराहा

वेस्ट से बेस्ट : नगरनिगम की एक बेहतरीन पहल
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अगर करने का माद्दा हो तो आकाश में भी सुराख हो सकता है और अगर हुनर हो तो वेस्ट को भी बेस्ट में बदला जा सकता है। कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है उज्जैन नगरनिगम ने।
दरअसल, आशीर्वाद का दीया प्रोग्राम में उपयोग हुए दीयों को कूड़े के ढेर में फेंकने के बजाय नगरनिगम ने इससे कलाकृति बना दी। यह इतनी सुंदर बनी है कि सीएम डॉ. मोहन यादव भी तारीफ करने से खुद को नहीं रोक सकें। नगरनिगम ने दीपोत्सव कार्यक्रम के जरिये पिछले महीने ही रिकॉर्ड बनाया था। जब उसने शिप्रा तट, महाकाल लोक और कार्तिक मेला मैदान में करीब ३३ लाख दीपक जलाए थे। इन दीपों को कूड़ा बनाने के बजाय सहेजने की पहल की गई और इनमें से निकले करीब 5 लाख से अधिक दीयों से नंदी तैयार किए गए हैं।
थ्री आर मॉडल का कदम
नगर निगम की रचनात्मक पहल उसके थ्री आर मॉडल का हिस्सा है। थ्री ऑर यानी रीड्यूज, रीयूज और रिसाइकल। बुधवार को शहर आए सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन हेलीपैड परिसर में स्थापित नंदी को देखा तो दंग रह गए। उन्होंने नगर निगम की पहल की सराहना की।
वेस्ट टू आर्ट की अनूठी पहल
नगर निगम की वेस्ट टू आर्ट नवाचार पहल से शहर में निकलने वाले वेस्ट की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे नई कृतियां तैयार होगी।
अन्य जगह भी बनाएंगे कृतियां
दीपोत्सव से निकले दीयों का अन्य जगह भी रचनात्मक उपयोग किया जाएगा। अलग-अलग स्थानों पर दीयों से आकर्षक कृतियां तैयार की जाएंगी। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रीयूज के लिए यह लोगों को प्रेरित करेंगी।
अभिलाष मिश्रा, निगमायुक्त









