Advertisement

भक्ति के उल्लास में डूबेगी साल की अंतिम शाम

इस्कॉन में बोनफायर संकीर्तन, हरसिद्धि में दीपों की जगमगाहट

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाकाल की नगरी में 31 दिसंबर की शाम और नए साल का स्वागत पश्चिमी चकाचौंध के बजाय सात्विक और आध्यात्मिक वातावरण में होगा। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में बोन फायर की गर्माहट के बीच हरिनाम संकीर्तन होगा, वहीं शक्तिपीठ माता हरसिद्धि के दरबार में दीपमालिकाएं आस्था का प्रकाश फैलाएंगी। चामुंडा माता मंदिर पर 31 दिसंबर की रात भजन संध्या होगी और नववर्ष के आगमन पर 1 जनवरी को माता को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे।

कड़ाके की ठंड में संकीर्तन की गर्माहट
इस्कॉन मंदिर द्वारा गौशाला के खुले मैदान में बोनफायर संकीर्तन होगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को शोर-शराबे वाली पार्टियों से दूर कर सात्विक माहौल प्रदान करना है। शाम 4 बजे से महिलाओं और युवतियों के लिए आध्यात्मिक नववर्ष पार्टी आयोजित होगी जो पूरी तरह सनातन संस्कृति पर आधारित होगी। मंदिर प्रबंधन ने सभी भक्तों को गौशाला के पवित्र प्रांगण में सामूहिक संकीर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ नए साल के स्वागत के लिए आमंत्रित किया है।

Advertisement

हरसिद्धि मंदिर में 2026 के लिए 85 प्रतिशत दीपमालिकाएं बुक

52 शक्तिपीठों में से एक श्री हरसिद्धि माता मंदिर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। 31 दिसंबर की रात यहां दीपमालिकाएं प्रज्वलित की जाएंगी और भजन भी होंगे। साल 2026 शुरू होने से पहले ही यहां दीप स्तंभों को प्रज्वलित कराने की होड़ मची है। मंदिर प्रबंधक इंद्रेश लोधी के अनुसार साल 2026 के लिए प्रमुख पर्व-त्योहारों की बुकिंग फुल हो चुकी है, जबकि सामान्य दिनों की 85 प्रतिशत बुकिंग भी हो चुकी है। परिसर में दो ऐतिहासिक दीप स्तंभ हैं जिनमें से प्रत्येक में 501 दीपक हैं। इन्हें प्रज्वलित करने में लगभग 4 डिब्बा तेल लगता है।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें