बाणगंगा में तीन साइबर ठगी के मामले युवती को ब्लैकमेल कर 3.07 लाख ठगे

लोन एप से शुरू हुआ खेल, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर भी ठगी
अक्षरविव न्यूज इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में लोन एप के जरिए युवती के मोबाइल से फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट हासिल कर उसे ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने अश्लील एडिटेड फोटो रिश्तेदारों और परिचितों को भेजने की धमकी देकर 71 ट्रांजेक्शन में 3.07 लाख रुपए ठग लिए। वहीं दो अन्य मामलों में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फोटो एडिट कर किया ब्लैकमेल
पुलिस के अनुसार, पूजा ने जुलाई में दो अलग-अलग लोन ऐप से 5,800 और 10,900 रुपए का लोन लिया था। इसके बाद साइबर ठगों ने उसके मोबाइल से फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट कॉपी कर ली। आरोपियों ने उसकी अश्लील एडिटेड फोटो तैयार कर रिश्तेदारों और परिचितों को भेजने की धमकी देना शुरू कर दिया। लगातार धमकियों से परेशान होकर पीडि़ता ने आरोपियों के कहे अनुसार रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।
71 ट्रांजेक्शन में 3.07 लाख ट्रांसफर करवाए
पुलिस के मुताबिक, 23 जुलाई से 29 अगस्त के बीच आरोपियों ने पीडि़ता से करीब 71 अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए। इस दौरान उसके और उसकी मां के बैंक खातों से कुल 3.07 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए। रकम देने के बाद भी आरोपियों की धमकियां बंद नहीं हुईं। पीडि़ता को अब भी अज्ञात नंबरों से वॉट्सएप कॉल और मैसेज किए जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा
दूसरे मामले में टेलरिंग का काम करने वाले जितेंद्र माहेश्वरी को ठगों ने निशाना बनाया। 26 सितंबर को उन्हें फोन आया। आरोपी ने खुद को एक्सिस बैंक का मैनेजर बताते हुए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद मोबाइल पर एक लिंक भेजी गई। लिंक पर क्लिक कर एप/फाइल डाउनलोड करने के बाद उनके मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जांच करने पर खाते से करीब 1.47 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली।
ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दे 3 लाख ठगे
तीसरे मामले में व्यापारी हर्षवर्धन राजपूत ने शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने फोन कर खुद को मुंबई की एक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और ट्रेडिंग में बेहतर रिटर्न दिलाने का लालच दिया। इसके बाद आरोपी ने उनके ट्रेडिंग अकाउंट का एक्सेस लेकर उसे दूसरे अकाउंट से मर्ज करवा दिया। आरोपियों ने शुरुआत में चार दिन के भीतर हर्षवर्धन से 2 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। बाद में रकम के नुकसान की बात कही और नई स्कीम के जरिए नुकसान की भरपाई का झांसा दिया। इसके बाद सात ट्रांजेक्शन में 1 लाख और जमा करवाए गए। ऑनलाइन जांच में कंपनी के फर्जी होने का पता चला। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद बाणगंगा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।









