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चुनाव से पहले ट्रम्प का बड़ा दांव, रूस से डीजल खरीदेंगे; जेलेंस्की ने जताया विरोध

अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है। यह छूट 7 अप्रैल 2027 तक लागू रहेगी। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि इससे डीजल की सप्लाई बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि रूस को मिलने वाला पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल हो सकता है। इस फैसले की चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि ट्रम्प पहले रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं। भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी भी इसी मुद्दे से जुड़ी रही है।

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अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ने से बढ़ी चिंता

ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में ईंधन की कीमतों में तेजी आई है। दी गई जानकारी के मुताबिक, वहां डीजल की कीमत करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग 3.70 डॉलर थी। अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती हैं। महंगा ईंधन किसानों, ट्रक चालकों और कारोबारियों की लागत बढ़ाता है। यही वजह है कि सरकार सप्लाई बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है।

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ट्रम्प ने रूस से डीजल सप्लाई को लेकर क्या कहा?

ट्रम्प के मुताबिक, रूस से शुरुआत में 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजने की योजना है। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की बात कही गई है। आगे चलकर सप्लाई बढ़ाकर 30 लाख टन तक करने की संभावना भी जताई गई। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों के लिए ईंधन की कीमतें कम करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने खास तौर पर किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों का जिक्र किया, जिन्हें महंगे डीजल के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

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जेलेंस्की बोले- रूस को मिलेगा युद्ध का पैसा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी फैसले पर नाराजगी जताई। उनका मानना है कि रूस से डीजल खरीदने की छूट मिलने से उसकी कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने में कर सकता है। जेलेंस्की ने आशंका जताई कि इस फैसले से रूस की सैन्य क्षमता मजबूत हो सकती है और यूक्रेन पर हमले जारी रखने में उसे मदद मिल सकती है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका में बातचीत की कोशिशें भी जारी थीं।

क्या डीजल की कीमतें वास्तव में कम होंगी?

ऊर्जा विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से डीजल खरीदने की छूट का कीमतों पर सीमित असर ही पड़ेगा। वहीं, कुछ का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई और मांग के बीच संतुलन बिगड़ने से अपेक्षित राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका रूस से डीजल खरीदता है, तो रूस के दूसरे ग्राहक अपनी जरूरतों के लिए अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतों पर पड़ने वाला असर सीमित रह सकता है।

ईरान युद्ध और तेल की कीमतों पर ट्रम्प की नजर

ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने पर तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही को लेकर भी बयान दिया और रिफाइनरियों तथा खुदरा विक्रेताओं से ईंधन की कीमतें कम करने की अपील की। कुल मिलाकर, रूस से डीजल खरीदने की छूट अमेरिका के लिए घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश है। लेकिन इससे रूस को आर्थिक फायदा मिलने और यूक्रेन युद्ध पर पड़ने वाले असर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ सकता है।

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