Advertisement

अमेरिका बोला- ईरान से होर्मुज पर आज हो सकता है समझौता

परमाणु कार्यक्रम खत्म करना अंतिम लक्ष्य : ट्रम्प

Advertisement

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार तक समझौता हो सकता है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि मौजूदा बातचीत सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है। परमाणु कार्यक्रम पर अलग समझौता होगा।

अमेरिका का अंतिम लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना ही है। दूसरी ओर, ईरान ने कहा कि वह ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए एक सुरक्षित और अस्थायी रास्ता बनाने पर बातचीत कर रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, इस नई व्यवस्था के तहत स्ट्रेट में आने वाले सभी जहाजों पर ईरान का पूरा कंट्रोल रहेगा। वहीं, स्ट्रेट से बाहर जाने वाले जहाजों को ओमान अलग रास्ते से क्लियरेंस देगा। ईधर, ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव ने पूरी दुनिया की जेब पर असर डाला। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जिससे पेट्रोल-डीजल, बिजली और रोजमर्रा के सामान महंगे हो गए। लेकिन इस पूरे संकट का सबसे ज्यादा फायदा दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों को मिला।

Advertisement

अराघची को हटाने की तैयारी
ईरान के कुछ सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची को पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर सांसद होसैनअली हाजीदेलिगानी ने मंगलवार को कहा, हम अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए सबूत और जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं। सही समय आने पर यह प्रक्रिया शुरू करेंगे। दूसरी ओर, इजराइली चैनल-14 की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम मामलों में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की भूमिका सीमित कर दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका से बातचीत जैसे बड़े मुद्दों पर इस्लामिक फोर्स यानी आईआरजीसी के कमांडर अहमद वाहिदी का फैसला अंतिम माना जाएगा।

ट्रंप ने ईरान वार्ता के मध्यस्थ देशों में पाक का नाम नहीं लिया

Advertisement

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर कहा कि यह वार्ता ईरान के अनुरोध पर हो रही है और इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर का समर्थन है। गौर करने वाली बात यह है कि ट्रंप ने अपने बयान में पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं किया, जबकि हाल के दिनों में कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को भी ईरान-अमेरिका के बीच संभावित मध्यस्थ बताया जा रहा था।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें