मौसम : इस साल सोयाबीन का बंपर उत्पादन कटाई शुरू, एक बीघा में ५ क्विंटल तक उत्पादन

अल्पवर्षा से रबी की मुख्य फसल गेहूं पर संकट के बादल
सुमितकुमार/ उज्जैन। मौसम का सही साथ देने से इस बार सोयाबीन का बंपर उत्पादन होने की संभावना है। जिले के कई इलाकों में अर्ली वैरायटी की सोयाबीन की कटाई का काम शुरू हो गया है। किसान फसलों को समेटने में लगे हैं। सोयाबीन का उत्पादन इस बार बेहतर है और एक बीघा में 4 से 5 क्विंटल की पैदावार देखी जा रही है। हालांकि अल्पवर्षा के कारण रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं पर संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं।
इधर कृषि विभाग की टीम ने लिया जायजा
जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक दल ने विकासखंड तराना एवं उज्जैन के गांवों में सोयाबीन फसल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। कायथा, रामपुरा, जवासिया कुमार, पिपलिया, लक्ष्मीपुरा, लिमोदा, हरसोदन में किसानों से चर्चा की। उनसे फसल की स्थिति, उत्पादन एवं कटाई की जानकारी ली गई। इस आधार पर अर्ली वैरायटी में उत्पादन 3 से 5 क्विंटल प्रति बीघा रहने का अनुमान लगाया गया।
मजदूरों से कटाई करवाने की सलाह
डायग्नोस्टिक दल ने किसानों को सोयाबीन की कटाई मजदूरों से कराने की सलाह दी। हार्वेस्टर कटाई में दाने बिखरने की आशंका रहती है, जिससे उपज का नुकसान हो सकता है। हार्वेस्टर से कटाई करवाना ही पड़े तो एसएमएस युक्त हार्वेस्टर से करवाएं। इससे सोयाबीन का भूसा छोटे-छोटे टुकड़ों में कटकर खेत में ही फैल जाता है और कार्बनिक पदार्थ की उपलब्धता खेत में बढ़ जाती है।
क्या बोले किसान
1 अभी अर्ली वैरायटी 9560की कटाई का काम ही शुरू हुआ है यह जब निकल कर घर आएगी तो उपज का पता चलेगा हालांकि सोयाबीन की स्थिति संतोषजनक दिख रही है। अभी पूरी तरह से फसल पकी नहीं है । छुट-पुट कटाई हो रही है।
– राजेश चौहान, तिलावद
2 सोयाबीन की स्थिति पिछले सालों की तुलना में बेहतर है। अगर कुछ दिन और मौसम ने साथ दिया तो इस बार उत्पादन करीब ५ क्विंटल प्रति बीघा तक होने के आसार है। नई वैरायटी की सोयाबीन में अभी 3-4 दिन का और समय लग सकता है।
– संतोष रावल, टिल्याखेड़ी
3 इस साल अभी के हाल में तो सोयाबीन कि हालत काफी हद तक अच्छी है। अर्ली वैरायटी की सोयाबीन निकालने का काम शुरू हो गया है। औसत की बात करें तो 3-5 क्विंटल के बीच उत्पादन आ रहा है।
– कैलाशचंद्र सोनगरा, तरनोद
4 अभी फसल कटने में टाइम लगेगा। नई वैरायटी वाली में 8-10 दिन का समय लग सकता है। फसलों की स्थिति पिछले वर्ष से बेहतर है। इसी कारण से इस बार अच्छे उत्पादन के आसार दिख रहे है।
– सुनील पाटीदार, ढाबला हर्दू









