अपने ही ई-रिक्शा पर दिव्यांग ने लगाई फांसी

पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा
उज्जैन। ग्राम रामवासा में एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक ने सोमवार शाम शराब के नशे में अपने ही ई-रिक्शा पर रस्सी से फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक का नाम राकेश पिता ओमप्रकाश प्रजापत नारोलिया (40) निवासी ग्राम रामवासा है। राकेश और उसकी पत्नी राधाबाई दोनों दिव्यांग है।
राकेश पहले ई-रिक्शा चलाता था लेकिन उसकी बैटरी खराब होने से वह ईंट भट्टे पर काम करता था, जबकि उसकी पत्नी राधाबाई सिलाई करती है। सोमवार शाम को वह शराब के नशे में घर पहुंचा और घर के बाद खड़ी ई-रिक्शा की बॉडी पर रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर लटक गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने जब उसे लटकते देखा तो उसके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद राकेश का बेटा गौरव एवं अन्य परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।









