कहीं खाटू श्याम तो कहीं सांवरिया सेठ के वेश में दिखेंगे सूर्य पुत्र

न्याय के देवता शनि देव के जन्मोत्सव की धूम, कल होंगे मंदिरों में आयोजन
अभिषेक, पूजन भंडारे के साथ नगर भोज की तैयारी
उज्जैन. शुभ संयोग में न्याय के देवता शनिदेव का जन्मोत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। कहीं वह खाटू श्याम के वेश में दिखेंगे तो कहीं सांवरिया सेठ के। अभिषेक, पूजन जैसी धार्मिक प्रक्रियाओं के साथ नगरभोज की तैयारी भी की जा रही है। शनि जंयती से एक दिन पहले शहर में स्थित शनि मंदिर में होने वाले आयोजनों की जानकारी अक्षरविश्व रिपोर्टर पवनकुमार पाठक ने जुटाई है। आइए जानते हैं किस मंदिर में क्या आयोजन होने वाला है।
हरसिद्धि मंदिर चौराहा शनिमंदिर
सूर्य पुत्र का खाटू श्याम स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। पिछले साल सांवरिया सेठ का शृंगार किया गया। शाम के बाद महाआरती, छप्पन भोग अर्पण के बाद भंडारा होगा।
लक्ष्मीनगर श्री परम न्यायाधीश शनिदेव मंदिर
मंंदिर में सुबह प्रतिमा का आकर्षक शृंगार किया जाएगा। शाम को महाआरती की जाएगी और फिर नगर भोज होगा।
त्रिवेणी शनि मंदिर
सुबह तेलाभिषेक होगा। दर्शनार्थी मंदिर के भीतर जाकर तेल नहीं अर्पित नहीं कर सकेंगे, उन्हें एक पात्र में तेल डालना होगा। महाआरती होगी। मंदिर परिसर में ही भंडारा होगा। त्रिवेणी तट पर स्नान होगा।
देवासरोड गजराज शनिमंदिर
शनि जयंती उत्सव दो दिन मनेगा। पंडित रवीेंद्र गुरु के अनुसार १६ मई की शाम महाआरती व भजन संध्या होगी। 17 मई को भंडारा होगा।
मुनिनगर श्री चैतन्य शनि मंदिर
शाम 7 बजे विशेष शृंगार किया जाएगा। महाआरती होगी और 251किलो नुक्ती का महाभोग लगाया जाएगा।
गऊघाट शनिमंदिर
शनि शक्तिपीठ में शुरुआत कलशयात्रा से होगी। महंत शनि भारती के अनुसार दोपहर 12बजे निकलने वाली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं तेल कलश लेकर शामिल होंगी। कलशों के तेल से शनि प्रतिमा का अभिषेक होगा। शाम 7 बजे आरती के बाद भंडारा होगा।
शास्त्रीनगर शनिदेव मंदिर
मंदिर में सुबह विशेष अभिषेक किया जाएगा। शाम को पूजन के बाद महाआरती होगी। प. महेश जोशी ने बताया कि महाआरती के बाद प्रसाद वितरण होगा।
निकास चौराहा स्थित शनि मंदिर
शनिदेव भक्त मंडल शाम 7 बजे महाआरती करेगा। इसके बाद भंडारा होगा। पं. दीपक जोशी ने बताया कि प्रतिमा का आर्कषक शृंगार भी किया जाएगा। इस मौके पर हजारों भक्त मौजूद रहेंगे।









