तैयारी सिंहस्थ की… रफ्तार से काम, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बूस्ट

अक्षरविश्व आंखों देखी…
हरिफाटक से चिंतामण गणेश अक्षरविश्व न्यूज
उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर के काम को युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके अंतर्गत कई सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में हरिफाटक से चिंतामण गणेश तक के मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है।
सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को सुगम यातायात देने के लिए इस परियोजना को मंजूरी दी गई है जिससे आवागमन बेहद आसान और सुरक्षित हो जाए। साथ ही सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या को पूरी तरह खत्म करना है। वर्तमान में फोरलेन का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। हरिफाटक ब्रिज के आगे से अर्थव होटल तक दोनों ओर फोरलेन का काम पूरा हो चुका है, बीच में डिवाइडर के लिए जगह छोड़ी गई है। अधिकांश जगह दोनों ओर नाली का काम भी पूरा हो गया है लेकिन जहां बाकी है, वहां काम किया जा रहा है। इसके आगे चिंतामण ब्रिज की शुरुआत तक एक हिस्से का समतलीकरण कर दिया गया है।
टुकड़ों में चल रहा काम
दरअसल, फोरलेन का काम कुछ जगह टुकड़ों में भी किया जा रहा है। चिंतामण ब्रिज से नीचे उतरते ही रोड के एक ओर बैस तैयार कर उसे रोलर से समतल से किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर गिट्टी डालकर समतल कर दिया गया है। यह काम ग्राम मंगरोला तक किया जा रहा है। इसके आगे टुकड़ों में सड़क की दोनों ओर से खुदाई की जा रही है। इस तरह से चिंतामण गणेश तक कई जगह समतलीकरण तो कई जगह अन्य काम किए जा रहे हैं। इसके अलावा बिजली की लाइन भी लगभग शिफ्ट कर दी गई है। कुछ जगह काम किया जा रहा है।
ब्रिज का काम भी चल रहा
सिंहस्थ 2016 में बने चिंतामण ब्रिज के समानांतर बन रहे नए पुल का काम भी तेजी से किया जा रहा है जो त्रिभुजाकार होगा। यह पुल भी करीब-करीब बनकर तैयार हो गया है। 1220 मीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिंहस्थ मेला और चिंतामण गणेश मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना है। ब्रिज बनने के बाद मौजूदा पुल पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा जिससे चिंतामण और सिंहस्थ मेला क्षेत्र में बिना रुकावट के गाडिय़ां आ-जा सकेंगी। साथ ही स्थानीय लोगों और सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।









