मिर्गी के झटके आने से कैदी की मौत, इंदौर में चल रहा था इलाज

5 दिन पहले ही आया था जेल, मारपीट के मामले में था आरोपी
उज्जैन। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद विचाराधीन बंदी की शुक्रवार सुबह इंदौर के एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक बंदी को मिर्गी के झटके आने के कारण जिला अस्पताल से इंदौर रैफर किया गया था। महाकाल थाना के कहारवाड़ी का रहने वाला ईश्वर (46 वर्ष) पिता तेजाराम धारा 323, 294, 506 (मारपीट और धमकी) के मामले में विचाराधीन बंदी था।
जेएमएफसी न्यायालय के न्यायाधीश पंकज भालेराव के आदेश पर उसे 5 दिन पहले ही यानी 24 मई को जेल लाया गया था। दो दिन बाद, 26 मई को ईश्वर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल चिकित्सक के परामर्श पर उसे तुरंत जिला चिकित्सालय भेजा गया। स्थिति गंभीर होने और लगातार मिर्गी के झटके आने के कारण डॉक्टरों ने उसे उसी दिन एमवायएच इंदौर के लिए रैफर कर दिया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान बंदी की मौत हो गई। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी सन्नी गेहलोत ने सुबह 7.30 बजे पर मौत की सूचना दी। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि मामले में आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।









