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आय से अधिक संपत्ति मामले में पटवारी को 4 साल की सजा

आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटवारी दोषी

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कोर्ट ने चार वर्ष की सजा सुनाई , 26.50 लाख रुपए का जुर्माना

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:आय से अधिक संपत्ति के मामले में न्यायालय ने एक पटवारी को दोषी माना है। करीब 11 वर्ष पहले लोकायुक्त उज्जैन द्वारा की गई कार्रवाई में न्यायालय ने पटवारी को 4 वर्ष का कारावास सुनाते हुए 26 लाख 50 हजार का भारी जुर्माना लगाया है।

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लोकायुक्त उज्जैन ने 26 मार्च 2012 को छापा मारकर अनुपातहीन संपत्ति पकड़ी थी। आरोपी पटवारी बाबूलाल गोमर वर्ष 1990 में सेवा में आया और उज्जैन जिले के नागदा व तराना तहसीलों में पदस्थ रहा। 2012 में तराना तहसील में पदस्थ पटवारी गोमर के घर पर अनुपातहिन सम्पत्ति अर्जित करने को लेकर लोकायुक्त डीएसपी ओपी सागोरिया ने टीम के साथ मिलकर इंदिरा नगर स्थित पटवारी के मकान पर आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में छापे की कार्रवाई की थी।

कार्रवाई में कुल एक करोड़ 85 लाख की सम्पत्ति लोकायुक्त को मिली थी। गोमर की कुल आय 15 लाख 91 हजार 233 रुपए थी। जांच में पटवारी के यहां छापे में 84 लाख 94 हजार 408 रुपए अनुपातहिन सम्पत्ति पाई गई। यह पटवारी की कुल कमाई से 533 प्रतिशत अधिक थी।

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यह मिला था छापे में

लोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि 2012 में छापे के दौरान गोमर के यहां 8 लाख 86 हजार का सोना-चांदी सहित 20 बीघा कृषि भूमि भी मिली थी। विशेष न्यायालय इंदौर में चले केस में लोकायुक्त के आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटवारी बाबूलाल गोमर को 4 वर्ष की सजा हुई है। कोर्ट ने 26 लाख 50 हजार का जुर्माना भी किया है।

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