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नौ दिनों तक देवी साधना, तंत्र-मंत्र आराधना और शुभ कार्यों के रहेंगे विशेष संयोग

गुप्त नवरात्र आज से, देवी साधना के लिए बन रहे हैं दुर्लभ शुभ योग

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शुभ संयोगों के बीच गुप्त नवरात्र बुधवार से प्रारंभ हो गए हैं। पंचांग के अनुसार इस बार गुप्त नवरात्र का आरंभ गजकेसरी योग और बुध पुष्य नक्षत्र में हुआ है जिससे इन नौ दिनों का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाएगा। आषाढ़ गुप्त नवरात्र का समापन 22 जुलाई को भड़ली नवमी के साथ होगा। यह दिन अबूझ मुहूर्त के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें कई शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

वैदिक वास्तु एवं ज्योतिष अनुसंधान केंद्र उज्जैन के आचार्य पं राहुल भारद्वाज के अनुसार गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की विशेष साधना, तंत्र-मंत्र और यंत्र की सिद्धि के लिए किए जाने वाले अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। इस दौरान चतुर्थी तिथि का क्षय होने के कारण तृतीय व चतुर्थी एक ही दिन रहेगी। पं. भारद्वाज के मुताबिक गुप्त नवरात्र के दौरान दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग भी बन रहे हैं। ज्योतिष मान्यता के अनुसार इन शुभ योगों में नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

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कल सूर्य करेंगे कर्क राशि में प्रवेश
गुप्त नवरात्र के दौरान 16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार यह परिवर्तन वर्षा ऋतु को और अधिक सक्रिय बनाने वाला माना जाता है। इसके प्रभाव से मानसून में तेजी आने और अच्छी वर्षा के योग बनेंगे।

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