भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा कल हथियारों का प्रदर्शन प्रतिबंधित

तैयारियों को लेकर पुलिस अलर्ट, कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों की हुई दो बैठकें
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा (16 जुलाई ) में हथियारों का प्रदर्शन नहीं होगा, लेकिन घोड़े शामिल रहेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम में मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दो समीक्षा बैठकों में तय किया कि यात्रा में अखाड़े हथियारों का प्रदर्शन नहीं करेंगे। घोड़े शामिल होंगे लेकिन अन्य किसी पशु को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
पहली बैठक एडिशनल एसपी (पश्चिम) गुरुप्रसाद पाराशर एवं सीएसपी दीपिका शिंदे की मौजूदगी में हुई। इसमें इस्कॉन पीआरओ राघव पंडित सहित अन्य स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) शामिल हुए। बैठक में यात्रा के निर्धारित मार्ग, रथ की आवाजाही, श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, संवेदनशील स्थानों, पाार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और फायर सेफ्टी पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने आयोजकों को निर्देशित किया कि यात्रा से पूर्व सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर लें और पुलिस व वॉलंटियर्स के बीच सतत संपर्क बनाए रखें।
दूसरी बैठक एडिशनल एसपी (पूर्व) आलोक शर्मा , सीएसपी जीवाजीगंज पुष्पा प्रजापति, सीएसपी कोतवाली दीपक सिंह तथा खाती समाज के आयोजक एवं प्रतिनिधियों के बीच हुई। इसमें अखाड़ों के हथियार प्रदर्शन या साथ लेकर चलने को प्रतिबंधित किया गया। रथ यात्रा में केवल घोड़े ही शामिल होंगे, अन्य पशु को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी। सभी प्रतिभागी तय मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करेंगे। मार्ग परिवर्तन या किसी अतिरिक्त कार्यक्रम की पूर्व सूचना पुलिस को देना जरूरी होगा। डीजे या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जा सकेगा।
दो जगह से निकलेंगी यात्राएं
भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्राएं दो जगह से निकलती है। खाती समाज बरसों से रथ यात्रा की परंपरा निभा रहा है। इस वर्ष खाती समाज की रथयात्रा कार्तिक चौक स्थित श्री जगदीश मंदिर से प्रारंभ होगी और सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, चौबीस खंभा माता मंदिर होते हुए कार्तिक चौक से मंदिर आकर समाप्त होगी। इस्कॉन मंदिर की रथ यात्रा आगर रोड पर मकोडिय़ा आम से निकलेगी। यात्रा नगर निगम कार्यालय , कोयला फाटक, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, टावर चौक, तीन बत्ती चौराहा और देवास रोड होते हुए शाम 6.30 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पहुंचेगी। भगवान सात दिनों तक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ स्थित अस्थायी गुंडीचा मंदिर में निवास करेंगे। 24 जुलाई की शाम वापसी रथ यात्रा महानंदा नगर बिरला चौराहा होते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी।
अपराधियों में पुलिस का खौफ जरूरी
क्राइम मीटिंग में एसपी प्रदीप शर्मा के सख्त निर्देश
उज्जैन। अपराधियों में पुलिस का खौफ होगा तभी अपराध कम होंगे और आमजन सुरक्षित महसूस करेंगे। यह बात एसपी प्रदीप शर्मा ने अफसरों की मीटिंग में की। क्राइम की समीक्षा करने बैठे एसपी पुलिस अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि आमजन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करना और अपराधियों में खौफ पैदा करना ही पुलिस का मुख्य मकसद है। थानों में आने वाले फरियादियों की सुनवाई और जनसुनवाई पर एक्शन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसपी मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में क्राइम मीटिंग ले रहे थे। एसपी का जिले की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने, अपराधों पर लगाम कसने और लंबे समय से थानों में लंबित पड़े मामलों को लेकर सख्त रवैया नजर आया। बैठक में एसपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की क्लास लेते हुए पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में एएसपी (ग्रामीण) करणदीप सिंह, एएसपी (शहर-पश्चिम) गुरुप्रसाद पाराशर, एएसपी (शहर-पूर्व) आलोक शर्मा सहित सभी अनुभागों के सीएसपी और थाना प्रभारी मौजूद थे।
महिला-बाल अपराध और साइबर फ्रॉड पर रहेगा विशेष फोकस
महिला एवं बाल अपराधों को लेकर एसपी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पॉक्सो और महिलाओं से संबंधित मामलों में पीडि़तों को तुरंत मदद मिलना चाहिए। साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस को त्वरित एक्शन मोड में रहने का कहा गया है, ताकि पीडि़तों की डूबी रकम को जल्द ब्लॉक या रिकवर कराया जा सके। साथ ही साइबर हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए।
क्राइम मीटिंग के मुख्य बिंदु
गंभीर अपराधों की विवेचना में कोई ढील न बरतें, जांच समय सीमा में हो और समय पर न्यायालय में चालान पेश किया जाए।
थानों में पेंडिंग स्थायी व गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन, फरार व इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और हिस्ट्रीशीटरों व निगरानी बदमाशों की दैनिक मॉनिटरिंग हो।
अवैध शराब, जुआ, सट्टा, आबकारी, एनडीपीएस और अवैध हथियार पर सख्ती से कंट्रोल करें।
पुलिस का मूवमेंट बढ़ाने, नियमित वाहन चैकिंग, संदिग्धों की धरपकड़ और रात्रि गश्त को अधिक प्रभावी बनाया जाए।









