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उज्जैन में एक नया पॉजिटिव, 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल फीवर क्लिनिक फिर भी 15 दिनों से आरटीपीसीआर जांच बंद

जिस पर दुनियाभर के डॉक्टर उठा चुके है सवाल उस एंटीजन टेस्ट के भरोसे जिला स्वास्थ्य विभाग

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उज्जैन। कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने व 31 दिनों से कोई नया मरीज नहीं मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी कोरोना को लेकर लापरवाही बरतना शुरू कर दिया था। 30 अगस्त को एक मरीज मिलने के बाद अक्षर विश्व की टीम ने सरकारी अस्पतालों की फीवर क्लिनक पर होने वाली जांच का पता किया तो सामने आया कि 15 दिनों से आरटीपीसीआर जांच ही नहीं हो रही है।
जिला चिकित्सालय के फीवर क्लिनिक कर्मचारियों ने बताया पिछले 10 दिनों से सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की संख्या 50 से अधिक बनी हुई है। संदिग्ध होने पर मरीज की एंटीजन जांच की जा रही है जिसकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद मिलती है। विशेषज्ञ डॉक्टर बताते हैं कि एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट 100 प्रतिशत कारगर नहीं होती। सही स्थिति के लिये आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी होता है।

महंगा होता है आरटीपीसीआर
संदिग्ध मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही थी। डॉक्टर बताते हैं कि इस जांच की कास्ट अधिक होती है, जबकि एंटीजन टेस्ट सस्ता होता है। सरकारी अस्पतालों में सभी जांच नि:शुल्क होती है इसी कारण मरीजों का एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। अस्पताल के डॉक्टर भी आरटीपीसीआर जांच कराने का उल्लेख मरीज के पर्चों में नहीं कर रहे।

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माधवनगर अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच हो रही है। यदि मरीज यह जांच करना चाहता है तो माधवनगर में करवा सकता है।
डॉ. महावीर खंडेलवाल, सीएमएचओ

सुबह 9 से शाम 4 बजे तक खुल रहे क्लिनिक:

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सरकारी अस्पताल और डिस्पेंसरी में फीवर क्लिनिक संचालित हो रहे हैं जिनका समय सुबह 9 से शाम 4 बजे तक निर्धारित है। यहीं पर कोरोना संदिग्धों की जांच की व्यवस्था भी की गई है। कोरोना जांच के लिये आधार कार्ड लाना जरूरी है। यदि सप्ताह में दो या तीन दिन लगातार शासकीय अवकाश आता है तो एक दिन क्लिनिक खुला रहता है।

ट्रेन में अपडाउन करते समय संक्रमित हुआ था बैंककर्मी
उज्जैन। शहर में मिले कोरोना पॉजिटिव बैंककर्मी की कांटेक्ट हिस्ट्री नहीं मिली है। इतना पता लगा है कि वह खाचरौद स्थित बैंक से आता-जाता था। सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल के अनुसार बैंककर्मी को अपडाउन के दौरान ही सर्दी-खांसी-बुखार की शिकायत हुई। वह ए सिम्पटोमैटिक कोरोना पॉजिटिव आया। परिवार के अलावा आसपास के २० लोगों की आरटीपीसीआर निगेटिव आई है। डॉ. खंडेलवाल के अनुसार बैंककर्मी एक ही टे्रन से अपडाउन नहीं करता था। आशंका है कि किसी बाहरी राज्य के यात्री के संपर्क में आने पर वह पॉजिविट हुआ। हालांकि यह टेड़ी खीर है कि बैंककर्मी के सारे कांटेक्ट ट्रेस हो जाए। आशंका है कि आने वाले दिनों में पॉजिटिव की संख्या बढें।

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