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80 फीट ऊंचे टॉवर पर दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का इंतजार

जीवाजी वेधशाला के पास बना टॉवर

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:कालगणना के केंद्र उज्जैन में विश्व की पहली वैदिक घड़ी अब नई सरकार बनने के बाद ही स्थापित होने की संभावना है। इसके लिए 80 फीट ऊंचा टॉवर बनकर तैयार हो गया है। वैदिक घड़ी के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार है, लेकिन अभी चुनाव के कारण यह काम अधर में पड़ा हुआ है।

 

जीवाजी वेधशाला के पास वैदिक घड़ी स्थापित करने के लिए वेधशाला के ठीक पास यह घड़ी स्थापित की जाएगी। पहले।इसे हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर लगाने का टारगेट तय किया गया था, लेकिन टॉवर का काम पूरा नहीं हो पाने से यह योजना आगे बढ़ गई।

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अब टॉवर का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। जल्द ही निगम इसे संस्कृति विभाग को हैंडओवर करेगा। इसके बाद ही वैदिक घड़ी लगाई जा सकेगी। 30 मुहूर्त के साथ समय बताने वाली विश्व की पहली वैदिक घड़ी की स्थापना कराने के लिए पिछले साल 6 नवंबर 2022 को भूमिपूजन किया गया था। तब दावा किया गया था कि तीन महीने में टॉवर का निर्माण कराकर गुड़ी पड़वा के दिन घड़ी की स्थापना कर दी जाएगी।

300 साल पुरानी वेधशाला

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जीवाजी वेधशाला अब जयसिंहपुरा से महाकाल मंदिर जाने वाले पर्यटकों और खगोलप्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। सवाई राजा जयसिंह द्वितीय ने 1719 में इसका निर्माण कराया था। उज्जैन से कर्क रेखा भी गुजरती है, इसलिए सवाई जयसिंह ने यहां स्वयं आकर अध्ययन किया था।

इसलिए लगा बनने में वक्त

टॉवर बनने में इसलिए वक्त लगा क्योंकि इसकी ऊंचाई अधिक है और गोलाई में काम करना कठिन है। इसे वेधशाला के बाहर गऊघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर बनाया गया है।

सॉफ्टवेयर से चलेगी घड़ी…

वैदिक घड़ी की खास बात यह है कि इसके बैकग्राउंड में हर घंटे तस्वीर बदलेगी। एक वक्त में द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, नवग्रह, राशि चक्र दिखाई देंगे तो दूसरे वक्त देश-दुनिया में होने वाले सबसे खूबसूरत सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण के नजारे दिखाई देंगे। एप डाउनलोड कर स्मार्ट वाच और मोबाइल में भी घड़ी के साथ इन नजारों को देखा जा सकेगा। तस्वीरों के लिए नेशनल एयरोनाटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी नासा से भी मदद ली गई है।

वैदिक घड़ी के एप्लीकेशन में विक्रम पंचांग भी समाहित रहेगा, जो सूर्योदय से सूर्यास्त की जानकारी के साथ ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्थिति, नक्षत्र, चौघडिय़ा, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा। सॉफ्टवेयर से यह काम करेगी। आरोह श्रीवास्तव ने इसे बनाया है। उन्होंने बताया सॉफ्टवेयर तैयार है, जब बोला जाएगा, उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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