Advertisement

अनदेखी : नलों से आ रहा गंदा पानी जिम्मेदार बता रहे मिनरल वाटर

पुरानी पाइपलाइनों में घुल रहा सीवरेज का जहर…

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

महाकाल वाणिज्य केंद्र, कार्तिक चौक, सिंहपुरी सहित कई क्षेत्र के रहवासियों को मिल रहा मैला पानी

उज्जैन। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब उज्जैन में भी गंदे पानी को लेकर आमजन जाग गए हैं। गंदे पानी की समस्या से त्रस्त लोग शिकायतें लेकर नगर निगम की नींद हराम कर रहे हैं। दूसरी ओर नगर निगम की जलकार्य समिति के प्रभारी प्रकाश शर्मा पीएचई द्वारा सप्लाई किए जा रहे जल को मिनरल वाटर सा बता रहे हैं। इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष ने नगरनिगम को घेरा है।

Advertisement

दरअसल सिंहपुरी, कार्तिक चौक (वार्ड 21) , महाकाल वाणिज्य केंद्र जैसी कॉलोनियों के रहवासी नगरनिगम से सप्लाई हो रहे जल में कीड़े निकलने और बदबूदार होने की लगातार शिकायत कर रहे हैं। इस संबंध में जलापूर्ति का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियों को जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश वर्मा के मिनरल वाटर के बयान से जोड़ कर पोस्ट किया जा रहा है। शर्मा ने दो दिन पहले कहा था कि गंभीर बांध का पानी मिनरल वाटर से भी ज्यादा बेहतर है और नगरनिगम यही पानी सप्लाई कर रही है।

श्रद्धालु और स्थानीय दोनों खतरे में

Advertisement

दूसरी ओर दूषित जल की अधिकतर समस्या पुराने शहर में है। यह वह क्षेत्र है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में होते हैं। स्थानीय रहवासियों के साथ वह भी दूषित जल का प्रयोग कर रहे हैं। दुकानदार राजेश जोशी का सरकारी नल से पानी भरने का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें संख्या में कीड़े तैरते दिख रहे हैं।

सड़ गई पाइपलाइन
समस्या की मुख्य जड़ बुनियादी ढांचे का अभाव है। स्थानीय निवासी मुजफ्फर अली के अनुसार क्षेत्र की पाइपलाइनें 40 साल पुरानी हैं जो कई जगह से सड़ चुकी हैं। ये पेयजल लाइनें सीवरेज पाइपों के समानांतर या उनके भीतर (नालियों के अंदर) से गुजर रही हैं, जिससे सीवरेज का पानी सीधे पीने के पानी में मिल रहा है।

पार्षद भी जनता के साथ
क्षेत्रीय पार्षद ने भी मीडिया को बताया फरवरी 2025 में महापौर को मौके पर बुलाकर समस्या दिखार्ई थी। मामला सामने आने के बाद टीम क्षेत्र में आई लेकिन बिना मरम्मत किए लौट गई। बार-बार शिकायतों के बावजूद पाइपलाइन बदलने का काम शुरू नहीं हुआ।

नल खोलते ही निकल रहे कीड़े, बिसलरी बताने वाले प्रभारी खुद फील्ड में उतरें- नेता प्रतिपक्ष

पे यजल आपूर्ति को लेकर नगर निगम के सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने नगर निगम के भाजपा बोर्ड और पीएचई विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की नाकामी के कारण गंभीर डेम का शुद्ध पानी भी घरों तक पहुंचते-पहुंचते दूषित और कीड़ों वाला हो रहा है।

जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा के गंभीर के पानी को बिसलरी से बेहतर बताने वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए राय ने कहा कि प्रभारी का बयान विभाग की कमियों को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने सवाल किया कि अगर गंभीर का पानी इतना शुद्ध है, तो क्या शहरवासी अब बाल्टी-मटके लेकर सीधे डेम पर पानी भरने जाएं? क्योंकि निगम की वितरण प्रणाली पूरी तरह सड़ चुकी है। राय ने कहा कि गउघाट प्लांट और अन्य जल शोधन संयंत्र गंदगी और काई से भरे हैं। जब प्लांट की ही सफाई नहीं हो रही और केमिकल का सही उपयोग नहीं हो रहा, तो शुद्ध जल की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

इधर जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा अपने बयान पर अभी भी कायम हैं। उनका कहना है कि गंभीर बांध से टंकियों तक एकदम साफ पानी आ रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में दिक्कत हो सकती है और इसके लिए लोगों को जागरुक होना पड़ेगा। वे अपने कनेक्शनों की जांच कराएं। अगर लाइनें फूटी हैं और उसे बदलवाएं। हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

Related Articles