बच्चों की परवरिश में अच्छी आदतें और सही मूल्य सिखाना बेहद जरूरी

कोई भी बदलाव तभी संभव होता है, जब आप सच में यह चाहते हैं
बच्चों की परवरिश में अच्छी आदतें और सही मूल्य सिखाना बेहद जरूरी है। ऐसे में प्रेरणादायक विचार माता-पिता के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। ‘प्यार चाहिए तो खुद को स्वीकार करो, सम्मान चाहिए तो खुद को महत्व दो जैसे उनके संदेश बच्चों को आत्मसम्मान और सकारात्मक सोच विकसित करने की सीख देते हैं।
1. प्यार चाहिए तो खुद को स्वीकार करो- इस विचार से माता-पिता अपने बच्चों को यह सिखा सकते हैं कि सबसे पहले स्वयं को अपनाना बहुत जरूरी है। जब बच्चा खुद को जैसा है वैसा स्वीकार करता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। जब वह अपनी कद्र करना सीखता है, तो वह दूसरों से सम्मान पाना भी सीख जाता है। आत्मसम्मान ही अच्छे व्यक्तित्व की नींव होता है।
2. चुनाव हमेशा हमारा ही होता है- इस विचार के माध्यम से बच्चों को यह सिखाया जा सकता है कि किसी भी परिस्थिति में यह नहीं कहना चाहिए कि उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। हर स्थिति में हमारे पास कोई न कोई विकल्प अवश्य होता है। इसलिए अपनी गलती या निर्णय के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सोच-समझकर सही चुनाव करना और उसकी जिम्मेदारी लेना सीखना चाहिए।
3. जब आप सच में चाहते हैं तो बदलेगा- माता-पिता बच्चों को इस विचार के माध्यम से समझा सकते हैं कि कोई भी बदलाव तभी संभव है, जब उसे अपनाने की इच्छा उनके भीतर से आए। केवल दूसरों के कहने से आदतें नहीं बदलतीं। जब बच्चा स्वयं सुधार करने का निर्णय लेता है, तभी वह उसे पूरी लगन और ईमानदारी के साथ अपना पाता है। इसलिए अपनी आदतों और व्यवहार को बेहतर बनाने की शुरुआत हमेशा खुद से करनी चाहिए।
4. जो बीत गया, वह बीत गया- यह विचार बच्चों को सिखाता है कि बीती हुई बातों या गलतियों को बार-बार याद करके परेशान नहीं होना चाहिए। जो हो चुका है, उसे स्वीकार कर वर्तमान पर ध्यान देना जरूरी है। आज को बेहतर बनाकर ही भविष्य को उज्ज्वल बनाया जा सकता है। जब बच्चे सकारात्मक सोच के साथ वर्तमान में जीना सीखते हैं, तो उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे भविष्य को लेकर आशावादी बने रहते हैं।
5. आप अच्छी आदत बना सकते हैं- यह विचार बच्चों को आत्मविश्वास की शक्ति समझाता है। माता-पिता उन्हें सिखा सकते हैं कि वे स्वयं पर भरोसा रखें और यह विश्वास बनाए रखें कि वे कोई भी अच्छी आदत विकसित कर सकते हैं। कोई भी अच्छी आदत एक दिन में नहीं बनती, उसके लिए धैर्य, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। चाहे समय का सदुपयोग करना हो, पढ़ाई में मन लगाना हो या कोई अन्य अच्छी आदत अपनानी हो, उसकी शुरुआत इस विश्वास से होती है कि ‘मैं यह कर सकता हूं।









