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30 हजार ईवी वाहन, चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 3

कम केडब्ल्यूएच के कनेक्शन से चार्ज करने पर हो रहे हादसे

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच शहर ईवी (इलेक्ट्रिकल व्हीकल) का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इनकी तुलना में चार्जिंग स्टेशन सिर्फ तीन ही हैं। ऐसे में लोग कम केवीए वाले इलेक्ट्रिक कनेक्शन पर अपने वाहन चार्ज कर रहे हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं। शहर में करीब 30 हजार ईवी होने का अनुमान है।

8 दिन में 3 ई-रिक्शा चालकों की मौत के बाद अक्षरविश्व ने शहर में चाॢजंग स्टेशनों की स्थिति जानी। शहरी क्षेत्र में लंगर पेट्रोल पंप (देवासरोड), सैफी पेट्रोल पंप (नागझिरी) और मृत्युजंय पेट्रोल पंप (इंदौर रोड पर महालोक ढाबे के पास) पर ही चार्जिंग स्टेशन हैं। इनमें से भी लंगर पेट्रोल पंप पर 30 केडब्ल्यूएच(kWh) का पाइंट हैं। औसतन इन पाइंट पर रोजाना 4-5 वाहन चार्जिंग के लिए पहुंचते हैं।

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जितनी ज्यादा (द्मङ्खद्ध) उतनी तेजी से चार्जिंग
ईवी वाहन की चार्जिंग उसके बिजली कनेक्शन पर निर्भर करती है। जितने ज्यादा केडब्लयूएच का चार्जिंग स्टेशन होता है, ईवी चार्ज होने में उतना कम समय लेती है। 30(kWh) के चार्जिंग स्टेशन पर एक कार 45 से 50 मिनट में चार्ज होती है, जबकि 60(kWh) पर यह समय घटकर 25 से 30 मिनट हो जाता है। 120 (kWh) पर यह समय 15 से 20 मिनट ही रह जाता है।

चूंकि उज्जैन में कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन कम हैं या दूर हैं ऐसे में ई-रिक्शा, ईवी कार और टू-व्हीलर घर पर ही चार्ज किए जा रहे हैं। चूंकि घरेलू कनेक्शन इसका लोड लेने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। हालांकि उज्जैन में हुए तीन हादसों में लापरवाही भी दिखाई दिए। एक मेें कटे वायर का ही चार्जिंग में उपयोग किया जा रहा था।

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ईवी चार्जिंग का खर्च बेहद ज्यादा, इसलिए भी दूरी

चा र्जिंग स्टेशन पर ईवी चार्ज कराने का खर्च बेहद ज्यादा है। एक कार को फुल चार्ज करने में 40 से 45 यूनिट बिजली लगती है। इस बिजली के दाम 17 से 22 रुपए यूनिट होते हैं। यानी एक बार में खर्च 840 से 990 रुपए तक का आता है। शुल्क अधिक होने से ई-रिक्शा चालक चार्जिंग पाइंट पर चार्ज कराने से बचते हैं। नागदा के रंगोली चार्जिंग स्टेशन के ऑनर मोतीसिंह शेखावत बताते हैं कि ईवी चार्जिंग करने पर 1 यूनिट पर 22 रुपए का खर्च आता है। अमूमन 800 से 1000 रुपए में कार चार्ज हो जाती है। हालांकि अलग-अलग कंपनियों के मुताबिक कारों की बैटरियों की क्षमता भी अलग-अलग होती है। ऐसे में चार्जिंग रेट भी अलग-अलग होते हैं।

क्यों हो रही दिक्कत

ई-रिक्शा-ईवी कार की बैटरियां 5 से 100 केडब्ल्यूएच के आसपास की होती है। ऐसे में इनके मुताबिक कनेक्शन की दरकार होती है।

ई-रिक्शा के मामले में अधिकतर लोगों के पास सिंगल फेस कनेक्शन हैं, ऐसे में चार्जिंग के समय लोड बढ़ जाता है।

चार्जिंग उपकरण हैवी और आईएसआई क्वालिटी के होने चाहिए। ताजा मामलों में यह देखा गया कि चार्जर के वायर कटे हुए थे या उन पर टेपिंग नहीं थी।

 मानसूनी सीजन में ऐसी स्थिति में करंट के फैलने का खतरा रहता है। हो सकता है इन मामलों में यही हुआ हो।

एक्साइड बैटरी के उज्जैन डीलर राजेश बागरोला कहते है कि ईवी व्हीकल की बैटरियां सुरक्षित मानकों वाली होती हैं, इनसे हादसे की आशंका नहीं रहती। दिक्कत चार्जिंग के तरीके में हैं। लोग घरों में ही वाहन चार्ज करते हैं। कारें 30 से 100 केडब्ल्यूएच और ई-रिक्शा में 5-10 केडब्ल्यूएच की बैटरियां होती हैं। इनकी चार्जिंग के लिए उचित बिजली कनेक्शन और सुरक्षित पाइंट की जरूरत होती है। मौजूदा समय में लोग इसका ध्यान नहीं रख रहे हैं और घरों में ही चार्जिंग कर रहे हैं। टू-व्हीलर चार्जिंग मेंं दिक्कत कम है लेकिन फोर व्हीलर और ई-रिक्शा में तो परेशानी है।

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