महाकाल लोक में सजेगी सावन सांस्कृतिक संध्या

सप्ताह के चार दिन स्थानीय कलाकार देंगे प्रस्तुति, वाटरप्रूफ मंच बन रहा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सावन-भादौ माह में श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन सांस्कृतिक संध्या भी होगी। जिसमें स्थानीय कलाकार नृत्य, संगीत और गायन से सप्ताह में चार दिन (मंगलवार से शुक्रवार) भगवान महाकाल का गुणगान करेंगे। यह उत्सव श्रावण महोत्सव से अलग रहेगा और महाकाल महालोक मेें रोज शाम 6 बजे से शुरू होगा।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में अभा श्रावण महोत्सव से अलग सावन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। श्रावण महोत्सव में देशभर के चुनींदा कलाकार प्रत्येक शनिवार को त्रिवेणी संग्रहालय के हाल में अपनी प्रस्तुति देते हैं। इस आयोजन से अलग सावन सांस्कृतिक संध्या में महाकाल महालोक में मनेगा। इसमें स्थानीय कलाकार भगवान महाकाल का गुणगान करेंगे। शनिवार को श्रावण महोत्सव और रविवार, सोमवार को दर्शनार्थियों की अत्यधिक भीड़ के कारण कार्यक्रम नहीं होगा। मंगलवार से शुक्रवार तक सप्ताह में पांच दिन इसका आयोजन होगा।
इस सावन में करीब 34 दिन इसका आयोजन होगा। मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिय़ा ने बताया कि सावन के दौरान बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए यह एक विशेष आकर्षण है। पिछले साल से शुरू हुई सावन उत्सव का बेहतर फीडबेक आने के कारण इस साल भी आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम महाकाल महालोक में सप्तऋषि की प्रतिमाओं के समक्ष होगा। यहां पर कार्यक्रम के लिए वाटरप्रूफ पांडाल तैयार किया जा रहा है। ३० जुलाई को सावन शुरू होते ही कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।









