महाकालेश्वर सवारी: पालकी वाहकों भजन मंडलियों का क्रम रहेगा तय

सवारी मार्ग की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात डायवर्जन, पालकी व्यवस्था पर विचार
उज्जैन। ३ अगस्त को निकलने वाली श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को पालकी वाहकों (कहार) और भजन मंडलियों के साथ अफसरों ने चर्चा की। पुलिस कंट्रोल रूम मीटिंग हॉल में एएसपी (शहर पूर्व) आलोक शर्मा की अध्यक्षता में हुई समन्वय बैठक में भजन मंडलियों के प्रतिनिधि, पालकी वाहक (कहार) तथा अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित थे। शर्मा ने भजन मंडलियों एवं पालकी वाहकों से सवारी के संबंध में सुझाव मांगे और उनकी समस्याएं भी जानीं।
यह तय हुआ
राजसी सवारी से पहले रिहर्सल की जाए। इसके लिए एक तारीख तय की जाए।
सवारी में सम्मिलित होने वाले अधिकृत व्यक्तियों और उनके वाहन के लिए पास जारी किए जाएंगे। ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही सवारी में सम्मिलित हो सकें।
एएसपी ने भजन मंडलियों एवं पालकी वाहकों से सदस्यों की नामवार सूची मांगी। ताकि कहारों की संख्या सुनिश्चित की जा सके और उन्हें पहचान पत्र जारी किए जा सकें।
अधिक भीड़ वाली जगह और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग एवं प्रभावी भीड़ प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बात हुई।
पालकी वाहक रेलिंग अथवा बैरिकेडिंग के समीप एकत्रित नहीं होंगे।
भजनमंडली का क्रम पूर्व निर्धारित रहेगा। वह समय से निर्धारित स्थान पर समयानुसार खड़ी होंगी और उसी क्रम में आगे बढ़ेंगी।
पुलिस अधिकारी अपने प्रभाव क्षेत्र में बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था एवं मार्ग की उपलब्ध चौड़ाई के अनुसार सवारी के आने-जाने की व्यवस्था बनाएंगे।
राजसी सवारी में शामिल हाथी के आसपास पर्याप्त पुलिस बल और रस्सा पार्टी का सुरक्षा घेरा रहेगा। इस घेरे में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
यूं रहेगा यातायात प्रबंधन
डीएसपी विक्रम सिंह कनपुरिया ने सवारी के दौरान रखी जाने वाली यातायात व्यवस्था की जानकारी दी। उनके मुताबिक राजसी सवारी के दिन दोपहर 2.00 बजे के बाद सवारी वाले मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। सवारी के समापन के बाद चरणबद्ध तरीके से यातायात को शुरू किया जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहन तय स्थलों में पार्क होंगे। कई मार्गों पर डायवर्जन प्लान लागू रहेगा।









