अद्वैत का अब तक नहीं मिला सुराग, खतरनाक चट्टानों पर शुरू हुआ स्पेशल सर्च ऑपरेशन

NDRF-SDRF की 100 सदस्यीय टीम जुटी, मोबाइल-ड्रोन और सर्च हिस्ट्री से पुलिस को मिले नए सुराग
बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ियों में 7 अगस्त से लापता इंदौर निवासी 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश सातवें दिन भी जारी रही, लेकिन उसका अब तक कोई पता नहीं चल सका। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, खड़ी चट्टानों और लगातार बारिश के कारण सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
अद्वैत की खोज में अब कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्वतारोही ‘स्पाइडर मैन’ ज्योति राज को भी शामिल किया गया है। बुधवार को उन्होंने अपनी टीम के साथ शांताला ड्रॉप और आसपास की खतरनाक ढलानों पर रस्सियों के सहारे सर्च अभियान चलाया। ज्योति राज खड़ी चट्टानों पर बिना सुरक्षा उपकरणों के चढ़ने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।
अद्वैत की तलाश में NDRF, SDRF, पुलिस और वन विभाग के करीब 100 जवान लगे हुए हैं। ड्रोन के माध्यम से उन क्षेत्रों की भी निगरानी की जा रही है, जहां पहुंचना मुश्किल है।
मोबाइल, ड्रोन और बैग मिले
पुलिस के अनुसार अद्वैत 7 अगस्त की सुबह किराए की बाइक से शिवगंगे पहुंचा था। उसकी बाइक तलहटी में मिली है, जबकि CCTV फुटेज में वह पहाड़ी पर चढ़ते हुए दिखाई दिया है। शांताला ड्रॉप क्षेत्र के पास उसका मोबाइल और ड्रोन बरामद हुआ है। इससे पहले उसी इलाके में उसका बैग और स्वेटर भी मिला था।
जांच में सुसाइड और फर्जी मौत दोनों एंगल
पुलिस को अद्वैत की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि उसने शिवगंगे पहाड़ी, शांताला ड्रॉप और पहाड़ी से गिरने पर मृत्यु से संबंधित जानकारियां खोजी थीं। इसी आधार पर पुलिस आत्महत्या की संभावना की भी जांच कर रही है। हालांकि अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि केवल सर्च हिस्ट्री के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
साथ ही यह संभावना भी जांच के दायरे में है कि कहीं अद्वैत ने अपनी मौत का भ्रम पैदा करने की कोई योजना तो नहीं बनाई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।
4 अगस्त को भी पहुंचा था शिवगंगे
जांच में यह भी सामने आया है कि अद्वैत 4 अगस्त को भी शिवगंगे क्षेत्र गया था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह तीन दिन बाद 7 अगस्त को दोबारा वहां क्यों पहुंचा। उसके मोबाइल, सिम कार्ड, कॉल रिकॉर्ड, मंगेतर और परिचितों से संपर्क समेत सभी पहलुओं की जांच जारी है।
ड्रोन की तकनीकी जांच भी शुरू
पुलिस अद्वैत के ड्रोन की खरीद और उसके अंतिम उपयोग की भी जांच कर रही है। ड्रोन में मौजूद फोटो, वीडियो और फ्लाइट डेटा से उसकी अंतिम गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन और तकनीकी जांच दोनों समानांतर रूप से जारी हैं।









