मुनिनगर-दो तालाब का आजादनगर में काम अटका, पार्षद पर लगाया आरोप

18 मीटर चौड़ा होना है रोड, नपती हो चुकी, लेकिन अब तक तुड़ाई नहीं
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। करीब 900 मीटर लंबी मुनिनगर- दो तालाब सड़क में आजादनगर तरफ के हिस्से का काम रुकने के मामले में क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र उर्फ गब्बर कुवाल पर आरोप लगा है। लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों का निर्माण बचाने के लिए पार्षद नगरनिगम से तुड़ाई की कार्रवाई नहीं होने दे रहे हैं। पार्षद ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
दरअसल टैगोर चौराहा मुनिनगर-दो तालाब तक सड़क का चौड़ीकरण होना है। देवास रोड को इंदौर रोड से जोडऩे वाले इस मार्ग को 18 मीटर चौड़ा किया जाना है। दो तालाब की तरफ से रोड का काम तेजी से चल रहा है लेकिन आजादनगर के करीब आकर काम रुक गया है। यहां मकानों की नपती भी हो चुकी है और 3.5 मीटर पर निशान भी लगा दिए गए हैं। निगम इस संबंध में मुनादी भी कर चुका है। हालांकि रहवासियों के कोर्ट चले जाने के बाद निगम ने 20 मई को ही तहसीलदार से क्षेत्र की नपती की मांग की थी।
इस पर नायब तहसीलदार दर्यावसिंह भूरिया के नेतृत्व में दल भी गठित कर दिया गया। दल में आरआई मोहम्मद सादिक खान, पटवारी अतुलनारायण तिवारी, कमलेश शर्मा, कार्तिकेय सिंग सेंगर है। 25 मई को टीम ने नपती की कार्रवाई भी पूरी कर ली और 1.5 मीटर से लेकर 3.5 मीटर तक जमीन पर अतिक्रमण पाया। इनकी पहचान कर 3.5 मीटर पर निशान लगाकर निर्माण हटाने की चेतावनी भी दे दी गई , पर अब तक यह निर्माण नहीं हटाए गए हैं। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्रीय पार्षद के दबाव में नगरनिगम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहा है।
आवासीय जमीन पर कमॢशयल एक्टिविटी : आजाद नगर टीएनसीपी से 1965 में एप्रुव्ड हुई कॉलोनी है। इसकी बसाहट आवासीय है। पर संबंधित रोड पर कमर्शियल एक्टिविटी की जा रही है। लोगों का कहना है कि भोपाल की तरह कमर्शियल एक्टिविटी का नियम यहां भी लागू होना चाहिए और यह निर्माण हटाए जाने चाहिए।
यह भी समस्या
इस रोड पर स्कूल और अस्पताल है।
इस वजह से अक्सर जाम लगा रहता है।
जाम की वजह से कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती है।
संकरे मार्ग की वजह से ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।
मामला कोर्ट में है, मेरा कोई लेना-देना नहीं: आजादनगर के मकानों का अतिक्रमण हटाने का मामला कोर्ट में है। मेरा इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। मैं विपक्ष का उपनेता हूं। मेरी बात कौन सुनेगा। आरोप लगाने वालों का क्या है, वह तो कुछ भी लगा सकते हैं।
जितेंद्र कुवाल, पार्षद वार्ड नंबर ४५









